सीबीआई की विशेष अदालत ने वीरवार को करनाल स्थित ओरिएंटल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (ओआईसी) के डेवलपमेंट ऑफिसर (डीओ) और कैशियर को पांच-पांच साल की सजा सुनाई।
साथ ही दोनों पर साढ़े चार-चार लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। उन्हें बीमाधारकों से प्रीमियम वसूलकर जमा नहीं कराने के दोष में सजा सुनाई गई।
करनाल स्थित ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी में 2003 में कार्यरत कैशियर सतीश और डेवलपमेंट ऑफिसर सुनील ने बीमाधारकों से प्रीमियम में मद में करीब 14 लाख रुपये वसूले थे, लेकिन कंपनी में यह रकम जमा नहीं कराई।
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद बीमाधारकों ने इसकी शिकायत की और दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, साजिश, धोखाधड़ी सहित कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
सीबीआई ने 2005 में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इसी मामले की वीरवार को सुनवाई करते हुए सीबीआई की अदालत ने दोनों आरोपियों को सजा सुनाई।