गांव सद्दा सिंह वाला में बारिश के पानी में डूबी फसल में से पानी की निकासी के लिए गांव के दो गुटों में चल रही तनातनी ने बुधवार को उग्र रूप धारण कर लिया।
सिविल और पुलिस अधिकारियों ने जैसे ही जेसीबी मशीन से सड़क खोदकर पानी की निकासी का यत्न किया तो लोग भड़क उठे और पुलिस पर पथराव किया।
हालात इस कदर बिगड़ गए कि गुस्साए लोगों ने डीएसपी पर मिट्टी का तेल छिड़क आग लगाने की कोशिश की। इस पर वहां मौजूद एसडीएम और तहसीलदार ने भागकर अपनी जान बचाई।
पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया
पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए
हल्का लाठीचार्ज किया। इस घटना में कुछ पुलिस मुलाजिमों के अलावा गांव के
कुछ लोग मामूली घायल हो गए।
दरअसल, जिला प्रशासन की ओर से एडिशनल डिप्टी
कमिश्नर (विकास) अजमेर सिंह और एसपी (डी) हरजीत सिंह पन्नू ने दोनों गुटों
के लोगों को पानी की निकासी के लिए मना लिया था लेकिन जब काम शुरू किया गया
तो संधू पत्ती के लोग जेसीबी मशीन रोकने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस और
लोगों में झड़प हो गई।
भीड़ ने पुलिस पर ईंटों-पत्थर से हल्ला बोला
भीड़ ने पुलिस पर ईंटों-पत्थर से हल्ला बोल दिया। पुलिस ने बचाव के लिए हलका लाठी चार्ज किया। भीड़ में से लोगों ने बोतलों से डीएसपी (डी) हरपाल सिंह रंधावा व अन्य अधिकारियों पर मिट्टी का तेल छिड़का और बाद में कपड़े को आग लगाकर उनकी ओर फेंक दिया।
रंधावा व अन्य ने भागकर अपनी जान बचाई। एसडीएम सुरिंदर कौर ने बताया कि जिला प्रशासन का पहला फर्ज डूबी फ़सल में से पानी की निकासी है। उन्होंने कहा जिला प्रशासन 3 दिन से पूरा दफ्तरी काम छोड़कर इस मामले के हल की कोशिश कर रहा है।