जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दरवाजे के झरोखे से झांक कर देखा तो वह फंदे पर तड़पता नजर आया। इस पर बंदियों ने पहले तो वार्डर को सूचित किया और फिर दरवाजा तोड़ कर उसे बाहर निकाला। इस दौरान वह गंभीर रूप से जख्मी था। सूचना पाकर जेल के डॉक्टर और डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट मौके पर पहुंचे। कैदी को चेक कर डॉक्टर ने सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उसकी मौत हो गई।
हत्या के केस में काट रहा था उम्रकैद की सजा
कैदी धर्मबीर कुरुक्षेत्र के गांव दापड़ा का निवासी था। उस पर लाडवा थाने में 2013 में हत्या का केस दर्ज हुआ था। इस केस में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। वह लाडवा से करनाल जेल भेजा गया था और करनाल जेल से अंबाला सेंट्रल जेल जनवरी 2017 लाया गया था।
इसके बाद से वह अंबाला में सजा काट रहा था। जेल सूत्रों का कहना है कि उसने लोअर की नायलोन की रस्सी से फंदा लगाया। ऐसे में जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि उसके पास नायलोन की रस्सी आई कैसे। इधर, शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया है।