सात सौ करोड़ के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद अब पंजाब पुलिस ने बॉक्सर विजेंदर को इस मामले में क्लीन चिट देने की तैयारी कर ली है।
रैकेट के सरगना जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस विजेंदर से जुड़े सवालों पर चुप्पी साधे हुए है।
रैकेट के सरगना और अर्जुन अवार्डी जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल है कि बाक्सर विजेंदर के मामले में पुलिस क्या करने जा रही है।
पटियाला के एसएसपी हरदयाल सिंह मान ने मंगलवार को अमर उजाला के साथ बातचीत में साफ कहा कि इस रैकेट और इससे जुड़े सदस्यों से विजेंदर का कोई लेना देना नहीं है।
इतना जरूर है कि उसने रैकेट से सदस्यों के जरिए ड्रग्स हासिल किया और उसका सेवन किया। आश्चर्य की बात है कि एसएसपी मान ने ही विजेंदर के खून और बाल के सेंपल लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
इससे पहले नाडा ने विजेंदर के सैंपल की जांच के बाद उसे क्लीन चिट दी थी। पुलिस अभी तक विजेंदर से पंजाब में सीधे पूछताछ नहीं कर सकी है।
पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने पंचकूला में हरियाणा पुलिस के एक आला अधिकारी के दफ्तर में विजेंदर से पूछताछ की थी और उसके बाद पंजाब पुलिस से उनका आमना-सामना नहीं हुआ।
मालूम हो कि पंजाब पुलिस ने मार्च माह में इस रैकेट का भंडाफोड़ किया था और जांच में बाक्सर विजेंदर का नाम सामने आया था।
विजेंदर केसाथी राम सिंह की निशानदेही पर विजेंदर के जीरकपुर फ्लैट से कार बरामद हुई थी, जो विजेंदर की पत्नी के नाम पर थी।
शुरुआती दौर से इस केस की पड़ताल कर रहे एसएसपी पटियाला हरदयाल सिंह मान ने दावा किया था