लड़कियों को छेड़छाड़ से बचाने के लिए पुलिस ने whatsapp पर जो हेल्पलाइन नंबर जारी किया था, उसी पर अश्लील मैटर डाल दिया गया है। ये नंबर एक सप्ताह पहले ही पुलिस ने जारी किया था। कमाल की बात ये है कि जब खुद पर ये बात आई तो पुलिस ने 18 घंटे के भीतर ही नंबर भी ट्रेस कर लिया है।
मामला अलसुबह का है। जैसे ही मोबाइल पर यह अश्लील सामग्री पहुंची, महिला कांस्टेबल ने तुरंत नोडल अधिकारी व कंट्रोल रूम अधिकारी को जानकारी दी। नोडल अधिकारी ने एसपी को अवगत कराया। महिला कांस्टेबल के बयान पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज किया।
फोटो के साथ अश्लील वीडियो भी भेजा
पुलिस के व्हाट्स एप नंबर 8571851091 पर 7 दिन में भले ही 7 शिकायतें न आई हों, लेकिन किसी ने उस पर अश्लील सामग्री अपलोड कर दी है।
बुधवार अल सुबह इस नंबर पर पंजाब सर्कल के नंबर 9876172293 से अश्लील फोटो और वीडियो के साथ-साथ अश्लील संदेश आए। महिला कांस्टेबल ने तुरंत इस नंबर को जोड़ लिया तो धड़ाधड़ अश्लील वीडियो आने लगे।
कांस्टेबल ने महिला हेल्प लाइन की नोडल अधिकारी इंस्पेक्टर गरिमा को जानकारी दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने सोनी मार्केट के नाम से ग्रुप बना रखा है। इस ग्रुप के मास्टर एडमिन की जांच की गई तो पता चला कि यह नंबर पंजाब के मानसा जिले के सरदूलगढ़ निवासी नरेश के नाम पर है।
सोनी मार्केट ग्रुप में बॉर्डर एरिया के सभी सदस्य
जांच अधिकारी एसएचओ सिविल लाइन नवीन जाखड़ ने बताया कि सोनी मार्केट ग्रुप के एडमिन और सभी सदस्यों के नंबरों की आईडी निकलवा ली है। इस ग्रुप के अधिकतर सदस्य पंजाब के बॉर्डर इलाके के हैं, जबकि कुछ सदस्य इसमें राजस्थान व हरियाणा के बार्डर एरिया के इलाके के भी हैं। इन सभी की आईडी निकलवाई गई है।
खुद पर बात आई तो एक ही दिन में पहुंच गए नंबर तक
कहावत है कि पुलिस चाहे तो किसी को भी पाताल से ढूंढ कर ला सकती है। यह कहावत रोहतक पुलिस ने बुधवार को साबित भी कर दी। एक ही दिन में साइबर सेल की मदद और कंपनियों की मदद से न केवल पंजाब के निवासी युवक का डाटा खंगाल लिया बल्कि ग्रुप में शामिल सभी सदस्यों की आईडी भी निकलवा ली है।
यदि किसी आम व्यक्ति के साथ कोई बात हो तो पुलिस का हमेशा एक जैसा जवाब होता है कि मोबाइल आईडी की डिटेल्स निकलवाई जाएंगी, उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। इस डिटेल को निकलवाने में ही पुलिस कई-कई दिन निकाल देती हैं और कई बार तो दो-दो सप्ताह भी निकल जाते हैं।
टीम गठित, जांच के लिए रवाना
महिला कांस्टेबल के बयान पर छेड़छाड़ और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। टीमों का गठन कर दिया है। सभी नंबरों की आईडी निकलवाई गई है। जांच के बाद ही पता लगेगा कि कहीं कोई फेक आईडी तो नहीं है।
नवीन जाखड़, एसएचओ, सिविल लाइन, रोहतक