बरनाला जिले में एक फर्जी पुलिस भर्ती घोटाला सामने आया है। इस पुलिस घोटाले में भर्ती से पहले ही नौजवानों को फुसला के लाखों रुपये बटोरने के लिए पहले ही पुलिस की वर्दी दी जा रही है। इन नौसरबाजों के चंगुल में फंसे नौजवान प्रीतम सिंह निवासी तपामंडी ने बताया कि कुछ लोगों ने उसको पुलिस में भर्ती करवाने का झांसा देकर उससे ठगी कर ली है।
इस ठगी कर रहे लोगों से उसकी पुलिस में भर्ती करवाने के लिए पांच लाख रुपये में बात हुई। उन लोगों ने कहा कि वह दो लाख पहले लेंगे और तीन लाख पुलिस में नौकरी मिलने के बाद लेंगे। पीड़ित ने बताया कि उसने विश्वास कर उन लोगों को दो लाख रुपये दे दिए, उसके बाद यह नौसरबाज उसको व और नौजवानों को तपामंडी के एक ग्राउंड में ट्रेनिंग करवाते रहे। किसी बडे़ पुलिस आफिसर से मिलवाने के लिए दो-तीन बार पठानकोट ले गए। जब कई महीने निकल गए तो उसने कहा कि या तो उनको ज्वाइनिंग लेटर दिलवाओ या उनके रुपये वापस किए जाएं। तो एक दिन उन लोगों ने उनको पहनने के लिए पुलिस वर्दी लाकर दे दी और कहने लगे कि लो बेटा आप की वर्दी तो आ गई और आप भर्ती हो गए हैं। जल्दी ही ज्वाइनिंग लेटर भी मिल जाएगा।
शिकायतकर्ता प्रीतम सिंह ने बताया कि उसका न तो कहीं ट्रायल लिया गया, न ही मेडिकल हुआ और न ही किसी ग्राउंड में दौड़ लगवाई गई। शक होने पर उसने प्रीतम ने उनसे पैसे वापस मांगे तो वो लोग उनको डराने धमकाने लगे। इसके बाद उसने इस संबंधी 17 मार्च को जिला पुलिस मुखी को शिकायत दर्ज करवाकर आरोपियों पर मामला दर्ज कर इंसाफ की गुहार लगाई। शिकायतकर्ता प्रीतम सिंह के साथ साथ समूह पीड़ित नौजवानों ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एवं डीजीपी सरेश कुमार अरोड़ा के शिकायत पत्र भेजकर इस फर्जी पुलिस भर्ती के घोटाले की जांच कराने की मांग की है।
आरोप सही पाए तो होगी सख्त कार्रवाई : डीएसपीडी
जिला पुलिस मुखी गुरप्रीत सिंह तूर ने कहा कि मामले की जांच डीएसपीडी गुरविंदर सिंह संघा कर रहे हैं। डीएसपीडी गुरविंदर सिंह संघा ने कहा कि दोनों पार्टियों को बुलाया गया है। अगर आरोप सही पाए गए तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।