अब पिछले 5-7 सालों से गांव के कई लोग हेरोइन (चिट्टा) की बिक्री में जुट गई। मौजूदा समय में कई लोगों के पास बड़ी कोठियां, कारें व हर सुख सुविधा उपलब्ध है। गांव के अधिकतर लोगों पर नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं, कई लोग सजा काट रहे हैं तो कुछ जमानत पर हैं।
पंजाब पुलिस के कर्मचारियों को बनाया था बंधक
इसी साल जून में जालंधर के भोगपुर में एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपी युवक को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस गांव छन्नी बेली पहुंची थी। पुलिस की एक टीम आरोपी को पकड़ भोगपुर ले गई। गांव वालों ने दूसरी पुलिस टीम को बंदी बना लिया और पिटाई कर हथियार भी छीन लिए।
मांग रखी कि युवक को छोड़ेंगे तभी पुलिस वालों को छोड़ा जाएगा। आखिरकार पुलिस को अपने कर्मचारियों को छुड़ाने के लिए झुकना ही पड़ा। डमटाल पुलिस के सहयोग से आरोपी युवक गांववालों को सौंपा गया और पुलिस कर्मियों को छुड़वाया गया।
नशा तस्करों के खात्मे के लिए यह अभी शुरुआत है। भविष्य में कार्रवाई तेज करते हुए मुख्य सरगनाओं को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। नशे के खात्मे के लिए आम जनता पुलिस का सहयोग करे और नशा तस्करों की जानकारी पुलिस को दें। पहचान गुप्त रखी जाएगी। -विमुक्त रंजन, एसपी, कांगड़ा।
पांच पेटी अवैध शराब एक काबू, 3 फरार
थाना सदर और शाहपुरकंडी की पुलिस ने 2 मामलों में पांच पेटी अवैध शराब बरामद की। एक आरोपी पकड़ा गया और 3 पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे। थाना शाहपुरकंडी के एएसआई संजीव कुमार ने बताया कि सूचना मिली कि हिमाचल के नूरपुर नंबर की कार रानीपुर पेट्रोल पंप से 800 मीटर दूर कच्चे रास्ते पर खड़ी है।
लोग कार से कोई सामान उतार झाड़ियों में छिपा रहे हैं। पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची तो वह लोग सामान वहीं छोड़ कार में बैठ भाग गए। झाड़ियों से 4 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। तीन अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। दूसरे मामले में थाना सदर के हेड कांस्टेबल अश्वनी कुमार ने गांव कटारूचक्क निवासी बलबीर सिंह को फरीदानगर पुल पर नाके के दौरान 11 बोतल अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया। थाना सदर में बलबीर सिंह पर एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।