अपहरण के एक मामले में महिला को पकड़ने के लिए बावल के गांव खरखड़ी पहुंची पानीपत जिले के थाना इसराना की पुलिस को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। पानीपत पुलिस पर ग्रामीणों ने कई आरोप लगाए हैं।
पुलिसकर्मी करीब चार घंटे तक ग्रामीणों के बीच फंसे रहे। सूचना के बाद थाना रामपुरा प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और बंधक बने पुलिसकर्मियों को छुड़ाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीण उन पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़े थे।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने बिना स्थानीय पुलिस व गांव के सरपंच को सूचना दिए ही गांव में रेड की और एक परिवार के दो मासूम बच्चों की पिटाई की। यही नहीं महिला के साथ भी अभद्रता की।
जानकारी के अनुसार जींद के गांव मीराबाद की रहने वाली संदीप कौर नामक महिला 16 अप्रैल की शाम पानीपत के इसराना थाना क्षेत्र से लापता हो गई थी। वह यहां बैसाखी के मौके पर गुरूद्वारे में मत्था टेकने के लिए आई थी।
उसके परिजनों ने इसराना थाना पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया था। परिजनों ने पुलिस को एक मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया था, जिससे उसके बारे में जानकारी मिल सके।
इसराना पुलिस इस नंबर को लगातार ट्रेस कर रही थी। लोकेशन मिलने के बाद इसराना थाना पुलिस की एक टीम महिला की तलाश में शुक्रवार दोपहर बाद बिना महिला के परिजनों के रेवाड़ी पहुंची।
इसराना पुलिस स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना ही बावल के गांव खरखड़ी में पहुंच गई। टीम में एएसआई रणबीर के अलावा सिपाही अंग्रेज, विजय व एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल था।
बच्चों के अलावा महिला के साथ मारपीट की
गांव में पहुंचते ही पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। गांव के सरपंच को भी पुलिस ने मामले की सूचना नहीं दी और राजकुमार नाम के एक व्यक्ति के घर में रेड कर दी।
बताया जाता है कि पुलिस टीम ने राजकुमार नाम के व्यक्ति के घर में मौजूद 12 व 15 वर्षीय बच्चों के अलावा महिला के साथ जमकर मारपीट की, जिससे वह बेहोश हो गए।
वहीं, इसराना पुलिस ने उसी घर से संदीप कौर नाम की उस महिला को भी बरामद कर लिया। पुलिस इन सभी को अभी गाड़ी में डालकर अपने साथ ले ही जा रही थी कि ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई।
भीड़ ने पहले तो पुलिसकर्मियों के साथ झड़प की तथा कुछ देर बाद सभी को बंधक बनाकर बैठा लिया। करीब दो घंटे बाद स्थानीय थाना रामपुरा पुलिस को मामले की भनक लगी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन मौके पर भारी पुलिस बल भेजा गया।
इस दौरान पुलिस द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। तनावपूर्ण स्थिति के बाद पुलिस किसी तरह ग्रामीणों को समझाते हुए महिला व राजकुमार को भाड़ावास चौकी में ले आई। वहां दोनों पक्षों की बात सुनीं गई।
थाना रामपुरा प्रभारी भगत सिंह ने बताया कि राजकुमार कुरूक्षेत्र में पॉलिटेक्निक में पढ़ता था। तभी इनके बीच मिलना-जुलना था। 17 अप्रैल को राजकुमार और संदीप कौर ने दिल्ली में जाकर कोर्ट मैरिज कर ली है। उसके बाद यह लोग खरखड़ी में आ गए थे। महिला संदीप कौर के शनिवार को कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे।