अदालत परिसर में सोमवार को बदमाशों ने पेशी पर आए कैदियों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एक हवलदार की मौत हो गई। घटना हरियाणा के हिसार की है। सिवानी में मिठी गैंग के तीन गुर्गों ने पेशी पर आए बंदी जय कुमार और सुनील पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। बंदियों को बचाने के चक्कर में एक गोली हवलदार भागीरथ के सिर में लग गई, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। जबकि एएसआई गौरी शंकर छर्रे लगने से घायल हो गए।
हमले में बंदी जय कुमार और सुनील उर्फ काला निवासी बिधवान घायल हो गए हैं। इन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया है। दो हमलावरों को हथियार सहित मौके से पकड़ लिया गया। घटना के बाद भिवानी एसपी गंगाराम पूनिया, हिसार आईजी संजय कुमार मौके पर पहुंचे। एसपी भिवानी का कहना है कि प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि खैरूबड़ी निवासी बिजेंद्र की हत्या का बदला लेने के लिए फायरिंग की थी।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब साढे़ दस बजे भिवानी पुलिस के एसएआई मांगेराम, ईएएसआई ओमप्रकाश, सिपाही रणधीर, ओमप्रकाश, जयभगवान, ईएएसआई सीताराम भिवानी जेल से हत्या सहित अन्य मामलों के आरोपी दो बंदियों सुनील उर्फ कालिया और जय कुमार को लेकर सिवानी अदालत पहुंचे थे। इसके अलावा सिवानी अदालत में हेड कांस्टेबल भागीरथ, होमगार्ड विजेंद्र, ईएएसआई तेलूराम, एसपीओ कृष्ण कुमार को भी तैनात किया गया था।
अदालत में पेश करने के बाद पुलिस टीम आरोपियों को गाड़ी की ओर लेकर जा रही थी। इसी समय गेट की ओर से मिठी गैंग के चार-पांच युवक भागते हुए आए और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दौरान हेड कांस्टेबल भागीरथ ने जय और सुनील को बचाने के लिए नीचे की ओर झुका दिया। इसी बीच बदमाशों ने फिर फायरिंग कर दी। इसमें एक गोली भागीरथ के सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। एएसआई गौरीशंकर वर्मा को छाती में छर्रे लगे हैं।
इस बीच एक एएसआई विनोद और होमगार्ड बिजेंद्र ने एक युवक को पिस्तौल के साथ मौके पर दबोच लिया। दूसरे आरोपी को सीआईडी के नवीन कुमार और सतीश कुमार ने पिस्टल सहित काबू कर लिया। अफरा-तफरी का फायदा उठाकर एक आरोपी भाग निकला।