पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या के मामले में जमानत पर बाहर आया आरोपी रजिंदर सिंह अपने साथी हरजीत और तेजिंदर के साथ मिल वाहन चोरी की वारदात करता है। आरोपी गाड़ी चोरी करने के बाद उसे फोकल प्वाइंट में एक खाली प्लॉट में इकट्ठा करते थे और वहां से उसे मालेरकोटला रोड स्टार एवेन्यू में अपनी एक वर्कशाप में ले जाते थे।
वहां आरोपी गैस कटर के जरिये कुछ ही घंटों में गाड़ी को स्क्रैप में बदल देते थे और स्क्रैप इकट्ठा कर मालेरकोटला में बेच देते थे। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो पता चला कि आरोपियों ने मनोज कुमार को गाड़ियां काटने में लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद स्टार एवेन्यू में छापा मारा तो वहां से आरोपी मनोज को गिरफ्तार कर वहां खड़ी चार गाड़ियां बरामद कीं।
इसके बाद मनोज की निशानदेही पर पुलिस ने गाड़ियां बरामद की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी राजिंदर की पत्नी बलजीत कौर गोदाम का सारा काम देखती थी। वह गाड़ियां कितनी आई और कितना सामान स्क्रैप का जो लोड कर भेजा जाता था, उस पर नजर रखती थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को नामजद किया। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इस मामले में अभी तक चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, बाकी आरोपियों की तलाश में है।
आरोपी राजिंदर पर है हत्या का मामला दर्ज
वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देने में मुख्य रोल निभाने वाला आरोपी राजिंदर सिंह हत्या के मामले में जेल में रह चुका है। वह कुछ समय पहले ही जेल से बाहर आया है। आरोपी गुरदीप सिंह टैक्सी चालक है। हालांकि गुरदीप के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को गलत फंसाया गया है। वह तो टैक्सी का गेड़ा लेकर जाने के लिए राजी हुआ था। उसे क्या पता था कि जिस व्यक्ति ने गाड़ी बुक की है या कराई है वह चोर गिरोह से संबंध रखता है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से भी मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
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