आरोपियों का रिमांड हासिल करके और पूछताछ की जाएगी। आरोपी विक्रमतीज और कुलदीप ने 2017 में लुधियाना में एक शराब फर्म में हिस्सेदारी में काम शुरू किया था और संगरूर में शराब सप्लाई किया करते थे। इसी दौरान विक्रमजीत की मुलाकात संदीप कौर से हुई थी।
अमेरिका में बैठे मनदीप के इशारे पर कर रहे थे तस्करी
कुछ दिन पहले अमेरिका में बैठे सरगना मनदीप सिंह धालीवाल ने विक्रमजीत को श्रीनगर जाने को कहा। वह 23 जुलाई को कुलदीप और संदीप कौर के साथ स्विफ्ट डिजायर से श्रीनगर रवाना हुआ। 25 जुलाई को मनदीप ने विक्रमजीत को अमेरिका से व्हाट्सएप कॉल की और बताया कि उसका एक आदमी उससे मिलने आएगा।
दोपहर को एक व्यक्ति मनदीप का नाम लेकर उसके पास पहुंचा और विक्रम की कार ले गया। दो घंटे बाद वह कार लौटा गया। 26 को तीनों श्रीनगर से रवाना हुए। जब वह पठानकोट पहुंचे तो मनदीप ने उसे फोन करके जालंधर के बजाय अमृतसर पहुंचने को कहा। अमृतसर जाते समय दीनानगर में एसएसपी आदित्य वारियर व नारकोटिक्स के डीएसपी सुखपाल सिंह ने नाके पर गाड़ी रोकी और 17 पैकेट हेरोइन के साथ तीनों को गिरफ्तार कर लिया।