पंजाबी यूनिवर्सिटी (पीयू) में छात्र की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक छात्र की हत्या बिजली के बिल को लेकर की गई है।
खास बात यह है कि हत्या का मुख्य आरोपी कैंपस के बाहर का छात्र है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किरच को भी बरामद कर लिया गया है। गौरतलब है कि अमर उजाला ने वारदात के दिन ही हत्याकांड में बाहरी छात्र के शामिल होने की बात कही थी। मगर पीयू प्रशासन ने इससे साफ इनकार किया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनदीप सिंह उर्फ जुगनू निवासी गांव साहिब नगर थेड़ी जिला पटियाला, मोहित कंबोज निवासी गांव चक पुनावाली जिला फाजिल्का, सनजोत सिंह निवासी गांव ठेठर जिला फिरोजपुर और हरविंदर सिंह निवासी गांव मोरवाली जिला फरीदकोट के तौर पर हुई है।
एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी मोहित कंबोज ने अपने साथियों व पीयू कैंपस में हुई वारदात में घायल छात्र गुरविंदर सिंह के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी के नजदीक एक कोठी किराये पर ले रखी है। यहां मृतक छात्र नवजोत सिंह का भी आना-जाना था। इस कोठी के बिजली बिल को सभी मिलकर भरते थे। बिल भरने को लेकर ही आपस में इन सभी का वारदात से एक दिन पहले 26 फरवरी को यूनिवर्सिटी के मेन गेट के बाहर झगड़ा हुआ था। मगर इस झगड़े की किसी भी गुट ने शिकायत नहीं दी थी। इसके अगले ही दिन दोनों पक्ष फिर से पीयू कैंपस में कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के बाहर मिले।
इस दौरान आपस में वाद-विवाद हो गया। आरोपियों ने बीटेक के 20 साल के छात्र नवजोत सिंह पर किरच से तीन बार हमला कर हत्या कर दी। इस दौरान नवजोत का साथी गुरविंदर सिंह सिर में चोट लगने से घायल हो गया था।
एसपी (सिटी) हरवीर सिंह अटवाल ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि नवजोत सिंह को किरच मारने वाला आरोपी मनदीप सिंह निवासी साहिब नगर थेड़ी है। वह कैंपस का छात्र नहीं था। पुलिस ने चारों आरोपियों को काबू करके इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किरच बरामद कर लिया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को अदालत में पेश करके इनका रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि मामले के संबंध में और पूछताछ की जा सके।
पीयू के सुरक्षाकर्मियों को ट्रेनिंग देगा पुलिस विभाग
एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि भविष्य में पंजाबी यूनिवर्सिटी में सुरक्षा प्रबंध पुख्ता बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग के यहां के सुरक्षाकर्मियों को ट्रेनिंग देगा।