पलसौरा बेबी मर्डर केस में ग्रामीणों ने पुलिस को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है।
गांव निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने एक सप्ताह में हत्यारे का पता नहीं लगाया तो संघर्ष किया जाएगा।
रविवार को ग्रामीणों ने गांव के गुरुद्वारे में सहज पाठ का भोग डाला। इसमें प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से कोई आला अधिकारी शामिल नहीं हुआ। न ही किसी राजनीतिक दल का नेता शामिल हुआ। हालांकि वार्ड पार्षद दर्शन गर्ग जरूर नजर आए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बच्ची के अभिभावकों को मुआवजा देने की भी मांग उठाई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर गुरुद्वारे में 26 हजार रुपये की राशि इकट्ठी करके बच्ची के अभिभावकों को दी।
पुलिस ने पुराने अपराधियों को चौकी में बुलाया
हत्यारे का सुराग लगाने के लिए एसआईटी की टीम मुखबिरों की मदद ले रही है। रविवार को कई पुराने अपराधियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया।
आईजी ने भी एसआईटी की टीम से जांच का स्टेटस जाना। 10 लोगों को पलसौरा पुलिस चौकी में पूछताछ के लिए बुलाया गया। एसआईटी ने उस एरिया और आसपास का फिर से निरीक्षण किया जहां से शव मिला था।
अभी तक पुलिस को पेठा विक्रेताओं से कोई सुराग नहीं मिला है। बच्ची का शव एक पेठे की बोरी से ही मिला था। पुलिस का मानना था कि हत्यारे ने पेठा विक्रेताओं से खाली बोरी ली होगी।
पिछले रविवार को मिला था बच्ची का शव
चार दिन से लापता 11 वर्षीय बच्ची का लहूलुहान शव एक दिसंबर शाम को सेक्टर 52 की फर्नीचर मार्केट के पास जंगल में बोरी में बंद मिला था।
शव को पुलिस ने नहीं, बल्कि एक राहगीर ने ढूंढा था। बच्ची के गले में प्लास्टिक की रस्सी लिपटी थी और गला दबाने के निशान थे। उसके मुंह और कपड़ों पर खून लगा था।