सीबीआई द्वारा पर्ल ग्रुप की परिसंपत्तियों का विश्लेषण किया गया है। इस विश्लेषण के आधार पर जांच एजेंसी का दावा है कि कथित तौर पर मोहाली के सेक्टर 100 और 104 का पूरा का पूरा तथा सेक्टर 96 और 99 का आधा हिस्सा इस ग्रुप का है। पर्ल ग्रुप पर पांच करोड़ से अधिक निवेशकों से 51 हजार करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि यह ग्रुप इन सेक्टरों को आवासीय टाउनशिप पर्ल्स सिटी के तौर पर विकसित करने की योजना बना रहा था। पर्ल ग्रुप की वेबसाइट के अनुसार, यह लगभग 500 एकड़ में फैला हुआ है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी कंपनियों की परिसंपत्तियों की जांच कर रही है जिसने पांच करोड़ से अधिक निवेशकों से उनके निवेश के बदले जमीन देने के नाम पर लगभग 51 हजार करोड़ रुपये ठगे। सीबीआई ने पाया कि मोहाली की जमीन के अलावा इस ग्रुप की 750 एकड़ जमीन चंडीगढ़ के निकट बनूड़ में है। बनूड़ पंजाब में एक नये प्रॉपर्टी हब के तौर पर उभर रहा है।
सूत्रों ने बताया कि लुधियाना में 400 एकड़ जमीन तो इस ग्रुप के पास है ही इसके अलावा जिरकपुर में इसके पास काफी जमीन है जहां यह निर्मल छाया रेजिडेंशियल कॉलोनी विकसित कर रहा है। इससे पहले सीबीआई ने दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में कंपनी के 66 कार्यालयों का पता लगाया था। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी इस ग्रुप की काफी जमीन हैं।
सूत्रों ने कहा कि मौजूदा बाजार कीमतों के अनुसार इन जमीनों की कीमतें हजारों करोड़ रुपये में है। एजेंसी पर्ल ग्रुप की प्रॉपर्टी की विस्तृत जानकारी जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी को दे रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढ़ा कमेटी इस ग्रुप द्वारा लिए गए निवेशकों के पैसे वापस करने के कदमों पर विचार कर रही है।