एक नाबालिग से डेढ़ महीने में लगभग 125 बार हवस का शिकार बनाया गया। उसे हवस का शिकार बनाने वालों में पुलिसकर्मी व सफेदपोश भी शामिल थे। उसे अलग-अलग होटलों में ले जाया जाता और हवस का शिकार बनाया जाता। लेकिन सेक्स रैकेट के चंगुल से निकली असम की किशोरी ने शोंधापुर स्थित बाल अनाथालय में टायलट क्लीनर पी लिया। उसे गंभीर हालत में पीजीआई खानपुर में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि किशोरी ने शर्म के चलते यह कदम उठाया है। पुलिस और अनाथालय प्रबंधन किशोरी के दवा के धोखे में जहरीला पदार्थ निगलने की बात कह रहे हैं। बता दें किशोरी ने कई पुलिसकर्मियों पर भी अपने साथ अनैतिक कार्य करने की दावा किया था। थाना मॉडल टाउन पुलिस खानपुर पीजीआई में किशोरी के बयान भी लेने पहुंची। किशोरी की हालत में सुधार बताया जा रहा है। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
'पुलिसकर्मियों ने भी दुराचार किया'
रेप
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यह है मामला
डेढ़ माह पहले असम की गुवाहाटी निवासी एक किशोरी को जितेंद्र और जाटल रोड पर चौधरी अस्पताल के पीछे किराए के मकान में रह रही आरती ने दिल्ली की पीरा गढ़ी से 15 हजार रुपये में खरीदा था। वे किशोरी को बंधक बनाकर अनैतिक कार्य कराते थे। 2 मार्च रविवार की सुबह उनके चंगुल से छूटकर बस अड्डा पुलिस चौकी पहुंच गई थी। वहां पर किशोरी ने पुलिस को सारी आपबीती बताई थी।
उसके बाद थाना महिला पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने इसके बाद आरोपी जितेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। किशोरी ने पुलिस को बताया था कि जितेंद्र व आरती उससे अनैतिक कार्य कराते थे। पुलिस इस मामले में एक अन्य फरार आरोपी नरेंद्र उर्फ काला की तलाश कर रही है।
किशोरी ने शुक्रवार की रात्रि को पेट में दर्द होने के चलते दवा के धोखे में हार्पिक का सेवन कर लिया। पीड़िता का खानपुर पीजीआई में उपचार चल रहा है। फिलहाल पीड़िता की हालत में सुधार है। किशोरी के बयान ले लिए हैं। फरार आरोपी को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
कृष्ण कुमार, प्रभारी, असंध रोड पुलिस चौकी।