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पुलिस मुठभेड़ में मारे गये बदमाश का चौंकाने वाला सच

Sat, 28 Jun 2014 01:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
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मोगा में क्राइम ब्रांच और नामजद के बीच मुठभेड़ में मारे गए बदमाश सुखदेव सिंह पर अपहरण लूट, हत्या और कब्जे करवाने के 11 आपराधिक मामले दर्ज थे। इसके बावजूद मोगा पुलिस उसे पकड़ने में कतराती थी। एक सप्ताह पहले ही सुखदेव सिंह ने मोगा की एक गऊशाला में कब्जा किया था। बुधवार को मुठभेड़ में मारे गए दो बदमाशों के मामले की जांच वीरवार को मोगा के डीसी ने न्यायिक जांच के आदेश जारी किए हैं।
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मोगा के डीसी परमिंदर सिंह ने एडीसी महिंद्र पाल को मामले की सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। मारे गए गांव सिंघवाला के सुखदेव सिंह और उसकेड्राइवर इंद्रजीत सिंह उर्फ गोरा के परिजनों ने एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुखदेव तो चंडीगढ़ पुलिस को वांटेड ही नहीं था। वीरवार को पुलिस के पहरे में सुखदेव सिंह और इंद्रजीत केशव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में डाक्टरों केपैनल ने किया। पोस्टमार्टम केदौरान फोटोग्राफी भी करवाई गई। सुखदेव सिंह केसिर, पेट, दाहिन और बाई टांगों पर 15 गोली और इंद्रजीत के शरीर पर नौ गोलियां लगी हुई थी। वहीं मामले में पकड़े गए गुरचरण और खुशपिंदर  से मोगा पुलिस उनके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

एसआई के पेट में फंसी गोली

मुठभेड़ में घायल हुए क्राइम ब्रांच के एसआई राजदीप सिंह का वीरवार को ऑपरेशन हुआ। आपरेशन के दौरान उसकी गोली पेट में फंस गई थी। इसके अलावा कांस्टेबल केपैर से भी गोलियां निकाल ली गईं हैं।

सुखदेव ने एक सप्ताह पहले किया था गौशाला पर कब्जा
पुलिस ने बताया कि बदमाश सुखदेव ने एक सप्ताह पहले ही मोगा में एक गौशाला पर पर कब्जा किया था। कब्जे केदौरान दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। मंगलवार को सुखदेव के साथी जमानत पर बाहर आए थे। पुलिस को सिविल ड्रेस में देखकर सुखदेव ने दूसरा ग्रुप समझकर गोलियां चलाई थी

ये हैं सवाल

1. सुखदेव सिंह चंडीगढ़ पुलिस को किसी भी मामले में वांटेड नहीं था तो उसको गोली क्यों मारी
2. फायरिंग के दौरान पंजाब पुलिस का जवान क्राइम ब्रांच केसाथ क्यों नहीं था
3. क्राइम ब्रांच के जवानों ने लाइफ जैकेट क्यों नहीं पहनी थी

सुखदेव पर दर्ज आपराधिक मामले
1.पांच जनवरी 1991 में मोगा केसिटी थाने में धारा 467,468 ,420,471 और साजिश रचने के तहत एफआईआर नं दो दर्ज
2.1995 में सदर थाने में धारा 323, 324, 325, 34 के तहत एफआईआर नं 61
3.1995 में सिटी थाने में धारा 307,148,149. 120 बी के तहत एफआईआर नं 162 दर्ज
4. 28 मार्च 1996  के तहत सिटी थाने में 307, 34 और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर नं 38
5 पांच नवम्बर 1999 को सिटी थाने में धारा 336,34 और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर नं 183
6. 2000 में थाना गल खुर्द में धारा 224 और 120 बी के तहत एफआईआर नं 113
7. 2001 में थाना सदर में धारा 336,506, 148, 149 आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर नं 01
8. 2003 में थाना सिटी में  302,307,148. 149 और आर्म्स के तहत एफआईआर नं 191
9. 2005 में थाना सदर में धारा 447, 440, 148,149 के तहत एफआईआर नं 02
10. 2006 में थाना सदर में धारा आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर नं 70
11. 2014 में थाना साउथ में धारा 307,427,148, 149 और आर्म्स के तहत एफआईआर नं 73

जिला मजिस्ट्रेट को 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा

पंजाब के मोगा में बुधवार की देर रात को चुंगी नंबर 3 के पास मोगा-कोटकपूरा बाईपास पर हुई पुलिस मुठभेड़ की जिला मजिस्ट्रेट परमिंदर सिंह गिल ने मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है।

जिला पुलिस प्रमुख गुरशरन सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा ने मोगा में अपने आने के बारे में थाना महिना में डीडीआर दर्ज करवाई थी। इस मुठभेड़ में मारे गए दोनों कथित बदमाशों का सरकारी अस्पताल में तीन डाक्टरों के पैनल ने पोस्ट मार्टम किया और वीडियोग्राफी भी की गई।

इस मुठभेड़ में मारे गए दूसरे व्यक्ति की पहचान भी हो गई है। वह मुठभेड़ में मारे गए कथित भू-माफिया सुखदेव सिंह का निजी चालक था। एसपी (डी) हरजीत सिंह पन्नू ने बताया कि पंजाब मानवीय अधिकार कमीशन की हिदायतें और सीआरपीसी की धारा 176 के अंतर्गत जिला पुलिस की तरफ से लिखे पत्र के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट परमिंदर सिंह गिल ने इस मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच के लिए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर-कम-उप मंडल मजिस्ट्रेट, मोगा महिंदर पाल को नियुक्त किया है। वे अपनी रिपोर्ट 7 दिन में जिला मजिस्ट्रेट को देंगे।

जिन्होंने दर्ज कराई एफआईआर, वही करेंगे जांच

मुठभेड़ संबंधी चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा के इंचार्ज इंस्पेक्टर रणजोध सिंह की शिकायत पर थाना सिटी साउथ में गुरचरन सिंह पुत्र हररूप सिंह गांव चन्नूवाला और सुखपाल सिंह पुत्र जगसीर सिंह गांव संगतपुरा के अलावा 3 -4 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

मामले की जांच भी चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा के इंचार्ज इंस्पेक्टर रणजोध सिंह को सौंपी गई है। थाना सिटी साउथ में इंस्पेक्टर रणजोध सिंह की तरफ से दर्ज करवाई एफआईआर के मुताबिक वे सेक्टर 17 - चंडीगढ़ में 23 जून को दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपी गुरचरन सिंह उर्फ रिंकू गांव चन्नूवाला और सुखपाल सिंह गांव संगतपुरा और छिंदर सिंह उर्फ गोगा गांव लंगेआना पुराना के लिए मोगा में थे।

जब वे मोगा-कोटकपूरा बाइपास मुड़ने लगे तो आरोपी रिंकू और सुखपाल और 3 -4 अन्य अज्ञात व्यक्ति अपनी गाड़ियों में से उतर कर सड़क पर बातें कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें काबू करने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की गई।

इस दौरान सब इंस्पेक्टर राजदीप सिंह और सिपाही सुरिंदर कुमार के अलावा दो व्यक्ति सुखदेव सिंह और इंद्रजीत सिंह उर्फ गोरा घायल हो गए थे। दोनों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।

मुठभेड़ में चंडीगढ़ पुलिस ने गुरचरन सिंह उर्फ रिंकू पुत्र हररूप सिंह गांव चन्नूवाला और खुशपिंदर सिंह पुत्र जगसीर सिंह गांव संगतपुरा को गिरफ्तार कर लिया गया। ये दोनों घायल हैं।

सुखदेव को 15, इंद्रजीत को 9 गोलियां लगीं

सिविल अस्पताल में मृतक सुखदेव सिंह के लड़के गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने इस मुठभेड़ की सीबीआई जांच की मांग की है। मृतक इंद्रजीत सिंह उर्फ गोरा के पिता छिंदर सिंह ने कहा कि उनके लड़के का कोई पृष्ठभूमि अपराध वाला नहीं है और वह रोजीरोटी के लिए नौकरी करता था।

मुठभेड़ में मारे गए सुखदेव सिंह और इंद्रजीत सिंह उर्फ गोरा चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर में नामजद नहीं थे। इनकी मौत ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सुखदेव सिंह करीब 15 गोलियां लगीं, जबकि इंद्रजीत सिंह उर्फ गोरा को 9 गोलियां लगीं। इस मौके पर पारिवारिक सदस्यों या और किसी को भी पोस्ट मार्टम हाउस की तरफ जाने नहीं दिया गया और पुलिस का सख्त पहरा था।

मारपीट के आरोपियों को पकड़ने गई थी पुलिस

दो साल पहले पिटाई का बदला लेने के लिए यूएस में रहने वाले जगमीत और बलराज ने अपने भाई गुरचरण को सेक्टर-22 में रह रहे हरपिंदर से बदला लेने भेजा था। गुरचरण अपने साथी सिंदर और शुभपाल के साथ चंडीगढ़ आया और हरपिंदर को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट। आरोपियों ने पीड़ित के कपड़े उतारकर उसका वीडियो बनाया और नगदी लूटकर फरार हो गए थे।

हमलावरों ने वीडियो यूएस में अपने भाई जगमीत और बलराज को भेजी थी। इसके बाद पुलिस ने मोगा स्थित गांव छुन्नू वाला निवासी गुरचरण, गांव संगतपुरा निवासी शुभपाल सिंह और गांव लगथाना के सिंदर सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने बताया कि करीब दो साल पहले मोगा के गांव बागा पुराना में जगमीत और बलराज ने हरपिंदर की चचेरी बहन से छेड़छाड़ की थी। इस पर हरपिंदर और उसके दोस्तों ने जगमीत और बलराज की जमकर पिटाई की थी। दोनों पक्षों ने किसी प्रकार की शिकायत नहीं दर्ज करवाई थी और बाद में जगमीत और बलराज यूएस चले गए थे।
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दो बदमाश मौके पर ढेर, दो पुलिस कर्मी घायल

चंडीगढ़ में आईलेट्स की तैयारी करने आए हरपिंदर से रंजिश का बदला लेने के लिए सेक्टर-22 में बंधक बनाकर मारपीट, कपड़े उतार कर वीडियो बनाने और नगदी लूटने के आरोपियों को पकड़ने गई क्राइम ब्रांच पर मोगा में नामजदों ने हमला बोल दिया।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश मौके पर ढेर हो गए। बुधवार शाम सात बजे मोगा के गांव पुराना के पास हुई इस मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के एसआई राजदीप सिंह और कांस्टेबल सुरेंद्र भी घायल हो गए।

दोनों को गंभीर हालत में लुधियाना स्थित सीएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के दो साथियों को मौके से दबोच लिया। मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों की पहचान सुखदेव सिंह और गुरचरण सिंह उर्फ रिंकू के रूप में हुई है। मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही डीएसपी क्राइम जगबीर सिंह टीम के साथ मोगा पहुंच गए।
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