उन्हें देखते ही कर्मजीत सिंह ने फोन कर सरपंच को मौके पर बुला लिया। इसके बाद हरदीप सिंह ने भी गाली गलौच की। वह वापस अपने घर की तरफ चल पड़े। गली में दूसरे तरफ से सरपंच निरवैल सिंह अपने बेटे विशाल सिंह, जश्न सिंह, सुखवंत सिंह, गंजा, सतनाम सिंह, सिमरन सिंह, अमरबीर सिंह के साथ आया। सभी के पास हथियार थे। उन्हें देखते ही उन पर हमला कर दिया। फायरिंग भी की। इस दौरान उनके चाचा मनजीत सिंह लाडी की कमर में गोली लगी। वहीं पिता विक्रमजीत सिंह की टांग में गोली लगी। उन्होंने शोर मचा दिया। बचाव में घर की तरफ भागे। पीछाकर आरोपी घर तक आ पहुंचे। घर के अंदर खड़ी बोलेरो गाड़ी में तोड़फोड़ की। आरोपियों के साथ बाज सिंह और सुभाष सिंह भी मौजूद थे।
ग्रामीणों के जुटने पर आरोपी फायरिंग करते भाग निकले। उन्होंने अपने चाचा और अपने पिता को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर चाचा की मौत हो गई है। उनके पिता की हालत गंभीर बनी है। थाना घरिड़ा की पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।