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दफ्तर में घुसकर महिला अधिकारी की हत्या कर खुद को मारी थी गोली, यह वजह आई सामने

Sat, 30 Mar 2019 11:18 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरड़ (पंजाब)
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मृतक महिला अधिकारी नेहा शौरी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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फूड एंड केमिकल टेस्टिंग लैब की जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी की हत्या के बाद कर्मचारी भी सहमे हुए हैं। हालांकि सूत्रों की मानें तो आरोपी काफी समय से डॉ. नेहा शौरी की हत्या की फिराक में था। वह कई चक्कर लैब के लगा चुका था। इतना ही नहीं आरोपी बलविंदर सिंह ने इसी महीने 8 मार्च को आर्म्स एक्ट के अधीन लाइसेंस लिया था। बता दें कि शुक्रवार को मोहाली के खरड़ स्थित फूड एंड केमिकल टेस्टिंग लैब में महिला अधिकारी नेहा शौरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देने वाला मृतक आरोपी बलविंदर सिंह मोरिंडा निवासी था।

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करीब 18 दिन पहले 11 मार्च को इसी लाइसेंस पर एक रिवाल्वर की एंट्री करवाई थी। मृतक आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास मिले एक बैग पुलिस ने अखबार में लिपटा एक बड़ा चाकू, रिवाल्वर का कवर और कुछ कारतूस बरामद किए हैं। हमलावर की गतिविधियों को देखने से पता लगता है कि उसने डॉ. नेहा शौरी की हत्या अचानक तैश में आकर नहीं, बल्कि पूरी साजिश रचने के बाद की है। रिवाल्वर न चलने पर उसका इरादा नेहा शौरी पर चाकू से हमला करने का था जैसा कि पुलिस ने अंदेशा जताया है।

इसके चलते आरोपी तनाव में था

मृतक हत्यारोपी का फाइल फोटो
आरोपी बलविंदर सिंह के मोरिंडा बस स्टैंड के निकट मेडिकल स्टोर से कुछ साल पहले नशीली दवाएं एक रेड के दौरान बरामद होने के बाद ड्रग विभाग ने दुकान को सील कर दिया था। इसके बाद बलविंदर अपने घर में ही जेपी अस्पताल के नाम से अवैध तौर पर प्रैक्टिस कर रहा था। ड्रग विभाग को पता चलने पर कार्रवाई करके इस अस्पताल को भी बंद करवा दिया था। इससे बलविंदर सिंह तनाव में रहने लगा था। 

कुछ दिन पहले बेटी का जन्मदिन मनाया था
35 वर्षीय डॉ. नेहा शौरी के माता-पिता सेक्टर-12 पंचकूला में रहते हैं जबकि उसका ससुराल सेक्टर-6 पंचकूला में है। नेहा शौरी की दो वर्षीय बेटी है, जिसका कुछ दिन पहले ही जन्मदिन था। नेहा की हत्या की ड्रग विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा सभी जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने निंदा की है।
 

छह साल की बच्ची के सामने आरोपी ने किए फायर

फूड एंड केमिकल टेस्टिंग लैब में जब आरोपी बलविंदर सिंह पहुंचा तो वहां पर जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी के अलावा उनके भाई की छह वर्षीय बेटी भी मौजूद थी। स्कूल में छुट्टियां होने के चलते वह अपनी बुआ के साथ उनके दफ्तर आ गई। वह दफ्तर के पीछे वाले हिस्से में बुआ नेहा शौरी के साथ फल आदि खा रही थी।

इसी बीच बलविंदर सिंह ने दफ्तर में प्रवेश किया और नेहा शौरी के बिल्कुल नजदीक आकर हल्की आवाज में कुछ कहा और उसके बाद हैप्पी होली कहते हुए रिवाल्वर से तीन गोलियां चला दीं। इसके बाद आरोपी भाग निकला। इस दौरान दफ्तर में मौजूद नेहा शौरी की भतीजी ने आरोपी को अपने सामने गोलियां चलाते हुए देखा और वह इस केस में अहम गवाह होगी। बच्ची इस घटना के बाद से सदमे में है।

फोरेंसिक टीम ने दीवार और फर्श पर बिखरे खून के लिए सैंपल
गोली चलने के बाद डॉ. नेहा शौरी के शरीर से निकले खून के छींटे उनके कमरे और वहां की दीवार पर लगे थे। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और खून के सैंपल लिए। इसके अलावा जहां आरोपी ने खुद को गोली मारी थी, वहां से भी सैंपल लिए।

पुलिस ने लैपटॉप व अन्य सामान कब्जे में लिया
फोरेंसिक टीम ने वारदात स्थल पर करीब दो घंटे गुजारे। इसके अलावा पुलिस टीम मौके पर जांच करने के बाद मृतका डॉ. नेहा के लैपटॉप व वहां पड़े अन्य सामान को साथ ले गई।
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सुरक्षा प्रबंध होते तो न होती हत्या

पंजाब स्टेट ड्रग एडवाइजरी कमेटी के सदस्य डॉ. पवन कुमार जैन ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी मोहाली नेहा शौरी की दिनदहाड़े उनके दफ्तर में गोली मारकर हत्या किए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारी ईमानदारी एवं लगन से अपना कर्तव्य पालन कर रहीं थीं। भले ही हत्यारोपी ने भी अपने आपको गोली मारकर आत्महत्या कर ली है, परंतु फिर भी इस वारदात की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

डॉ. जैन जो खरड़ केमिस्ट संघ के पूर्व अध्यक्ष हैं, ने कहा कि जिस बिल्डिंग में पंजाब ड्रग विभाग के कार्यालय हैं और राज्य स्तर की लैब है, वहां सुरक्षा का कोई प्रबंध न होने के कारण ऐसी वारदात हुई है जबकि लैब होने के कारण वहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध अति आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यदि वहां पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होते हो ऐसी वारदात न होती। जैन ने कहा कि भविष्य में ऐसी वारदात न हो, सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

 
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