बाबा बकाला सब-डिवीजन के गांव जोधा में शुक्रवार रात करीब दस बजे एनआरआई कुलवंत सिंह उर्फ कंता को अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया गया। हत्यारों ने उसे 16 गोलियां मारीं। कंता 9 दिसंबर को ही अमेरिका से लौटा था। उसकी 24 दिसंबर को मंगनी तय होनी थी।
घटना की सूचना मिलते ही अमृतसर (देहात) पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने कुलवंत सिंह के शव को कब्जे में लेकर उसे बाबा बकाला स्थित सिविल अस्पताल में रखा।
गांव जोधा निवासी बलविंदर सिंह ने बताया कि उनका छोटा बेटा कुलवंत सिंह अमेरिका में ट्रांसपोर्टर है। शुक्रवार रात को कंता अपने परिजनों के साथ कादियां में रहने वाले दो रिश्तेदारों के घर लड़की देखने गया था। मंगनी तय करने के बाद वह परिवार सहित रात करीब आठ बजे गांव लौट रहा था।
इसी दौरान उनके भतीजे हरमनप्रीत सिंह का फोन आया कि पल्सर पर तीन नौजवान आए हैं और कुलवंत से मिलना चाहते हैं। इस पर उसने अपने भतीजे से कहा कि वह थोड़ी देर में आ रहा है, तब तक वह तीनों को चाय पानी पिलाए। लेकिन तीनों कुछ देर में वापस आने की बात कहकर चले गए।
करीब दस बजे तीनों नौजवान फिर आए और बाहर से कुलवंत को आवाज लगाई। जैसे ही कुलवंत मेन गेट से बाहर आया, हत्यारों ने उस पर 16 गोलियां दाग दीं। कुलवंत की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर मोटरसाइकिल पर फरार हो गए।
2015 में अमेरिका गया था कुलवंत
बलविंदर सिंह के अनुसार, कुलवंत सिंह उनका छोटा बेटा था। वह 2015 में अमेरिका गया था और वहां की नागरिकता ले ली थी। उनके अनुसार कुलवंत की किसी के साथ दुश्मनी नहीं थी। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से खोल भी बरामद कर लिए हैं। एएसआई सुखवंत सिंह ने बताया कि पुलिस ने आसपास की फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।