सेक्टर-10 स्थित एक घर में डकैती डालने वाले नौ बंगलादेशियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया।
वारदात 15-16 जुलाई 2010 की रात को हुई थी। परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बनाकर गहने व अन्य सामान लेकर डकैत फरार हो गए थे।
कोर्ट में दाखिल पुलिस केस के मुताबिक नारूल इसलाम, अबु जफर, वाजिद अली, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद बिलाल, राकीब होलीदर, जमाल होलीदर, कमरूले व अलमिन खान ने वारदात को अंजाम दिया था।
सेक्टर-10 में महेंद्र प्रताप, विनोद कुमार व राकेश कुमार तीनों भाई एक ही घर में रहते हैं। 15-16 जुलाई की रात तीनों के परिवार अलग-अलग फ्लोर पर सोए हुए थे।
आधी रात के बाद उक्त नौ लोग घर में घुसे और ग्राउंड फ्लोर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। घर के सदस्य जागे तो सभी को गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया गया।
इसके बाद सारा कैश गहने जमा किए। महेंद्र प्रताप के परिवार को रस्सियों से बांधने के बाद पहले फ्लोर पर गए और उसके बाद दूसरे फ्लोर पर। इस तरह करीब एक घंटे तक जमकर उत्पात मचाया और करीब 20 लाख रुपये के गहने व नकदी लेकर गायब हो गए।
किसी तरह परिवार के सदस्यों ने अपने बंधन छुड़ाए और पुलिस को सूचना दी। सेक्टर-5 थाने में मामला दर्ज हुआ। कई दिन तक पुलिस इस मामले में खाली हाथ रही।
कुछ समय बाद ऐसी ही डकैती बिजनौर में हुई। जिसके आरोपी पकड़े गए। पंचकूला पुलिस वहां से आरोपियों की तस्वीरें लाई और पंचकूला के पीड़ित परिवार को दिखाई। पहचान होने के बाद आरोपियों को बिजनौर से लाया गया।
उसके बाद पंचकूला में केस चला और अब दोषी करार दिया गया। जिनकी सजा पर फैसला बुधवार को होगा।