रजनी के ससुराल वालों ने माफी मांगकर व कई बार गांव वालों द्वारा समझौता करवाने पर रजनी को हर बार ससुराल भेज दिया गया। लेकिन उसके ससुराल वाले कुछ दिन बाद फिर से दहेज के लिए मारपीट करना शुरू कर देते थे।
मरने से पहले मां को फोन कर कहा, जीना चाहती हूं
मां बबली ने बताया कि रजनी 9 माह की गर्भवती थी। रविवार शाम करीब 8 बजे उसके पास रजनी के पति जगतार सिंह ने फोन कर कहा कि तुम्हारी बेटी बीमार हो गई है। हमें परेशान कर रही है, इसे यहां से ले जाओ। बबली ने कहा कि इसके बाद रजनी ने फोन कर उसे बताया कि मां मुझे मेरे पति जगतार सिंह व ननद ने जहर पिला दिया है। उसने कहा मां मैं जीना चाहती हूं, मुझे जबरदस्ती जहर पिलाया है।
रजनी को लेने पहुंचे तो जगतार पिला रहा था पानी
बबली ने बताया कि रजनी का फोन आते ही वह उसी वक्त अपने भतीजे विकास को साथ लेकर गाड़ी में रजनी का हाल जानने पहुंचे तो उस वक्त जगतार सिंह रजनी को पानी पिला रहा था। बबली ने कहा कि इसके बाद रजनी की गंभीर हालत को देखते हुए वह रात करीब 9 बजे उसे सीधे शहर नागरिक अस्पताल ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन इससे पहले ही रजनी ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
सोमवार शाम को रजनी के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। परिजनों की शिकायत पर आरोपी जगतार सिंह और उसकी बहन सत्या उर्फ सत्ती के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - सुरेंद्र सिंह, सब-इंस्पेक्टर, थाना शंभू