शातिर महिला की करतूत आपको शर्मसार करेगी। महिला ने पोलियो ड्रॉप पिलाने के बहाने बच्ची को गोद में लिया और लेकर भाग गई। दो दिन की बच्ची को चुराने का यह मामला पंजाब के लुधियाना का है।
एक महिला अस्पताल में दाखिल बच्ची की मां के पास आई और पोलियो ड्राप पिलाने बात कहकर बच्ची को लेकर फरार हो गई। बच्ची चोरी होने की सूचना सिविल अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद एसीपी सेंट्रल सतीश मल्होत्रा और थाना डिविजन दो के एसएचओ इंस्पेक्टर सुरिंदर मोहन पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
गगनदीप कालोनी निवासी दरगाही लाल एक होजरी फैक्टरी में फ्लैट मशीन चलाता है। उसके एक लड़का और तीन लड़कियां हैं। पत्नी पुष्पा देवी गर्भवती होने के कारण गत शुक्रवार को सिविल अस्पताल में दाखिल हुई।
सोमवार को आपरेशन के दौरान उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बुधवार की सुबह पुष्पा अस्पताल के बेड पर लेटी थी। उसकी बड़ी बेटी रीतिका और अन्य परिजन पास में बैठे थे।
इसी दौरान एक महिला उनके पास आई। उसने पुष्पा देवी का हालचाल पूछा और दो दिन की बच्ची को गोद में उठा लिया। उसने कहा कि बच्ची को पोलियो ड्राप पिलानी है। वह बच्ची को अपने साथ लेकर जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों को जांच रही पुलिस, बच्चा चोरी की दूसरी घटना
पुष्पा देवी ने अपनी बड़ी बेटी रीतिका को साथ भेज दिया। जब महिला सीढ़ियों के पास पहुंची तो उसने रीतिका से कहा कि बच्ची बाथरूम न कर दे, इसलिए वह अपनी मां से उसके कपड़े ले आए। जब रीतिका कपड़े लेकर आई तो बाहर महिला न देख उसने परिजनों को बताया।
परिजनों ने सारा अस्पताल छान मारा, लेकिन बच्ची को ले जाने वाली महिला का कुछ पता नहीं चला। उनके शोर मचाने पर मरीज इकट्ठा हो गए और सूचना मिलने के बाद एसएमओ डॉ. परमिंदर सिद्धू भी मौके पर पहुंचे।
एसीपी सेंट्रल सतीश मल्होत्रा ने बताया परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सिविल अस्पताल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों से फुटेज को चेक किया जा रहा है। फुटेज की सीडी भी बनवा ली गई है ताकि बारीकी से जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी जांचा जा रहा है। ताकि कोई सुराग मिल सके। जल्द ही बच्ची चुराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कहीं न कहीं परिजनों की भी है गलती: एसएमओ
एसएमओ डॉ. परमिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि मामला काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कहीं न कहीं बच्ची के परिजनों की भी गलती है। अस्पताल का स्टाफ अपनी वर्दी में कोट पहन कर रखता है। परिजनों ने बिना वर्दी पहने और बिना कोट पहने महिला को बच्ची दे दी। सिविल अस्पताल के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को पुलिस के हवाले कर दिया है।
एक महीने में बच्चा चोरी की दूसरी घटना
महानगर में एक महीने के अंदर बच्चा चोरी होने का यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले भी बाबा थान सिंह चौक के पास स्थित अरोड़ा नर्सिंग होम में एक स्टाफ नर्स ने ही वहां दाखिल मरीज का बेटा चोरी कर लिया था। बाद में थाना डिविजन तीन की पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के जरिये मामले का खुलासा कर बच्चे को बरामद कर लिया था।