चंडीगढ़ सेक्टर 40ए में रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग ने 23 जुलाई को फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में आरोपी अनस ने अपनी पहचान बदलकर किशोरी से दोस्ती की थी। अब कुछ संगठन और नाबालिग के पिता इसे लव जिहाद का मामला बता रहे हैं।
मृतक नाबालिग के पिता ने कहा कि उनकी बेटी पढ़ने में काफी होनहार थी, लेकिन दो-तीन साल पहले उसे सेक्टर नौ के एक सलून में नाई का काम करने वाला विजय नाम का एक युवक मिला, जो असल में अनस सुलेमानी था। आरोपी पहचान बदलने के लिए अपनी कलाई पर मौली आदि भी बांधता था। उसने उनकी बेटी को अपने झांसे में ले लिया।
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साथी लड़कियां भी उकसाती थी
पिता का आरोप है कि सुलेमानी की साथी लड़कियों ने भी उनकी बेटी को नजदीकियां बढ़ाने के लिए उकसाया। इसके बाद उनकी बेटी का यौन शोषण करके ये सभी उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने लगे। पिता के मुताबिक आरोपी उसे नमाज पढ़ने को भी कहते थे। जब उनकी बेटी को अहसास हुआ कि वह गलत लोगों की संगत में है उसने उन्हें सब कुछ बता दिया। इसके बाद तनावग्रस्त होकर उनकी बेटी ने जान दे दी।
तीन पेज के सुसाइड नोट में लिखी थी पूरी कहानी
अपनी सारी व्यथा मरने से पहले उसने तीन पेज के सुसाइड नोट में बयान की है। समाज जागरण मंच, चंडीगढ़ की पदाधिकारी एडवोकेट प्रीति चौहान ने आरोपी के खिलाफ लव जिहाद से जुड़ी धारा 295-ए जोड़ने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि आरोपी का पुलिस रिमांड भी नहीं लिया गया जो गलत है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की बालियां आदि भी गायब हैं, जिनकी बरामदगी के लिए आरोपी का पुलिस रिमांड जरूरी है।