दो लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व जोनल डायरेक्टर सुनील कुमार सेकरी को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने सेकरी को भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 और 13 (1) (डी) के तहत दोषी पाया है। अदालत सेकरी को 28 सितंबर को सजा सुनाएगी। सेकरी के खिलाफ सीबीआई ने पांच सितंबर 2009 को केस दर्ज किया था। केस की पैरवी सीबीआई के सीनियर सरकारी वकील पीके डोगरा और सरकारी वकील केपी सिंह ने की।
बद्दी स्थित यूफोरिया फार्मास्यूटिकल कंपनी के प्रोपराइटर राजेश दुआ ने सीबीआई को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने कहा था कि एनसीबी के तत्कालीन जोनल डायरेक्टर सुनील कुमार सेकरी ने टीम के साथ उनकी बद्दी स्थित फर्म में 23 जुलाई 2009 को रेड की थी। जांच के बाद सेकरी ने उन्हें कार्यालय में पेश होने को कहा था।
24 और 25 जुलाई को दुआ चंडीगढ़ सेक्टर-25 स्थित एनसीबी ऑफिस आए। इस दौरान सेकरी ने उनके और कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने की एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी। 17 अगस्त को सेकरी ने उन्हें दिल्ली बुलाया। वहां प्रशांत विहार स्थित फन सिनेमा में दुआ की मुलाकात सेकरी से हुई। वहां भी सेकरी ने वही बात की और पांच लाख रुपये मांगे। बातचीत के बाद दो लाख रुपये में बात तय हुई।
इसके बाद दुआ ने सीबीआई के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में शिकायत कर दी। शिकायत की पुष्टि होने पर सीबीआई ने अगले ही दिन दिल्ली जाकर प्रशांत विहार में उसी जगह जाकर शिकायतकर्ता से मुलाकात की और थोड़ी देर बाद सेकरी को वहीं पैसे लेने के लिए बुलाया। जैसे ही सेकरी ने दो लाख रुपये पकड़े सीबीआई ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे चंडीगढ़ लाया गया और यहां सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया।