सिप्पी मर्डर केस की जांच अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टीगेशन (सीबीआई) करेगी। मृतकों के परिजनों की ओर से इस संबंध में प्रशासन को पत्र सौंपा गया था। प्रशासन ने इसे मंजूरी के लिए गवर्नर के पास भेज दिया था।
सूत्रों के अनुसार गवर्नर से मंजूरी के बाद इस केस की सीबीआई जांच के आदेश हो गए हैं। देर शाम तक पुलिस और सीबीआई को अभी इसके आधिकारिक आदेश होने की सूचना है।
वहीं यूटी पुलिस की ओर से जिला अदालत में दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील और सेक्टर-26 की एसएचओ पूनम दिलावरी ने कोर्ट को बताया कि एक दिन पहले ही गवर्नर के आदेश पर केस की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी गई है।
उनके अनुसार इसके आधिकारिक आदेश एक दो दिन में हो जाएंगे। इस पर कोर्ट ने पुलिस की याचिका पर फैसला अगली तारीख 12 फरवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।
बता दें कि पुलिस ने मामले में संदिग्ध हाईकोर्ट जज की बेटी के लाई डिटेक्शन और ब्रेन मैपिंग टेस्ट को लेकर याचिका दायर की थी। इस पर जज की बेटी ने इसे असंवैधानिक और उनके मूल अधिकारों का हनन बताया था।
इस जवाब के बाद इस याचिका पर बहस होनी थी, लेकिन उससे पहले ही जांच अधिकारी ने केस की जांच सीबीआई को ट्रांसफर होने की बात कही। वहीं सिप्पी की मां दीपेंद्र कौर और भाई जसमनप्रीत सिंह ने मोहाली स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में भी केस की जांच सीबीआई को ट्रांसफर होने की बात कही।