विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने धर्मकोट मोगा के नायब तहसीलदार को उनके आफिस से ही एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री के कागजात के बदले आरोपी चार लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था। विजिलेंस ने नायब तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
मोगा के गांव किशनपुर निवासी हरप्रीत सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दी थी। उसने कहा था कि धर्मकोट (मोगा) में उसने जमीन खरीदी थी। इसकी रजिस्ट्री 23 जुलाई 2014 को हुई थी, लेकिन रजिस्ट्री के कागजात देने के बदले नायब तहसीलदार चार लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
इस पर विजिलेंस ने शिकायत की जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर नायब तहसीलदार को किश्तों में पैसे देने की डील हुई।
इसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर हरप्रीत को रिश्वत की पहली किश्त देकर नायब तहसीलदार के पास भेजा। वहां विजिलेंस की टीम ने उसे रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम नायब तहसीलदार को मोहाली आफिस ले आई। यहां विजिलेंस की टीम उससे पूछताछ कर रही है।