एसएसपी की बात मानी होती तो न नाभा जेल ब्रेक होती और न ही दो आतंकियों समेत पंजाब के चार कुख्यात गैंगस्टर फरार होते। नाभा जेल में बंद आतंकी हरमिंदर मिंटू व कश्मीरा को जेल से भगाने का खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स से संबंधित आतंकियों का हाथ है।
उनकी आड़ में पंजाब के चार कुख्यात गैंगस्टर नीटा दयोल, विक्की गौंडर, गुरप्रीत सिंह सेखों विक्रमजीत सिंह भी फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार आरोपी फरार होने के बाद हरियाणा राज्य में दाखिल हो गए।
आतंकी हरमिंदर मिंटू को दो साल पहले उस समय पंजाब पुलिस ने दिल्ली के एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था जब वह थाइलैंड से भारत में आया था। उसको नाभा जेल में बंद रखा गया था। उसी के साथ पहले से इसी जेल में बंद आतंकी कश्मीरा को भी एक ही बैरक में बंद कर दिया था।
एसएसपी बठिंडा के खुलासे के बावजूद नाभा जेल प्रबंधन नहीं जागा
नाभा जेल ब्रेक
- फोटो : अमर उजाला
कुछ दिन पहले बठिंडा पुलिस की ओर से अवैध हथियारों समेत पकडे़ गए तीन आरोपियों का संपर्क नाभा जेल में बंद गैंगस्टर नीटा दयोल के साथ होने का एसएसपी बठिंडा स्वपन शर्मा ने खुलासा किया था।
इसके बावजूद नाभा जेल प्रबंधन नींद से नहीं जागा। एसएसपी ने प्रेसवार्ता कर बताया था कि पकडे़ गए आरोपी जेल में बंद गैंगस्टर नीटा दयोल के साथ मोबाइल के जरिए संपर्क में है, जिस संबंधी उनके पास पुख्ता सबूत है।
नाभा जेल कांड में भी मोबाइल का इस्तेमाल
सूत्रों ने बताया कि नाभा जेल में से आतंकियों को भगाने के लिए भी मोबाइल का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। क्योंकि पुलिस की वर्दी पहनकर जेल में आए चार बदमाश पहले से ही आतंकी हरमिंदर मिंटू व कश्मीरा के साथ संपर्क में थे। इस वजह से उन्होंने उसी बैरक के ताले को गोलियों से तोड़ा, जिसमें उक्त दोनों आतंकी बंद थे।