यहां न कोई रेड लाइट एरिया है और न सेक्स वर्कर को मान्यता मिली है। फिर भी जिस्मफरोशी का धंधा यहां खूब फल फूल रहा है। आरटीआई में खुलासा हुआ है कि हरियाणा में 2004 तक महिला सेक्स वर्करों की संख्या 9602 थी। बाद के 10 वर्षों में यह आंकड़ा कई गुना बढ़ गया है।
महिलाओं-बेटियों की खरीद फरोख्त के बीच प्रदेश में जिस्मफरोशी को रोकने में सरकारें अब तक विफल ही रही हैं। सरकार ने इन महिलाओं को सामाजिक सम्मान दिलाने के बजाय इनकी निगरानी करने के लिए कई एनजीओ को लगा रखा है। जो यह देखती है कि इनकी वजह से कोई प्रदेश में एचआईवी न फैले।
सरकार का दावा है कि न तो प्रदेश में रेडलाइड एरिया है और न ही इस काम के लिए किसी को लाइसेंस दिया गया है। इसके बावजूद प्रदेश में जिस्मफरोशी का धंधा करने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और चाणक्य सेना के संयोजक दीपक राठी ने स्वास्थ्य विभाग से आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी थी कि प्रदेश में जिस्मफरोशी का धंधे की क्या स्थिति है? कितनी महिलाएं इस गंदगी में शामिल हैं?