शहर के बैरागी मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति को मैक्सिको के ग्वाटेमाला में कैश बैग छीनने के लिए लुटेरों ने सिर पर गोली मार दी और आखिरकार दो नवंबर को सरकारी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बुधवार को शव आने के बाद पिंजौर में अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के छोटे भाई संजीव कुमार ने बताया कि 22 सितंबर की रात को उनके बड़े भाई राममूर्ति रेमी खाना खाने के बाद कैश बैग लेकर तकरीबन 10:30 बजे घर से बाहर निकले थे। रास्ते में कुछ लुटेरों ने कैश बैग छीनने की कोशिश की, लेकिन राममूर्ति रेमी ने लुटेरों का मुकाबला किया।
इसी बीच लुटेरों ने रेमी के सिर पर दो गोली मारी और कैश बैग छीनकर फरार हो गए। उन्हें ग्वाटेमाला के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। उपचार के बाद वह काफी हद तक स्वस्थ हो गए थे, लेकिन 23 अक्तूबर को सिर में दर्द होने के बाद वह कोमा में चले गए और दो नवंबर को मौत हो गई।
बिजनेस के सिलसिले में गए थे मैक्सिको
संजीव कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई राम मूर्ति रेमी 57 वर्ष के थे और वह फ्रांस के नागरिक हैं। राममूर्ति बिजनेस के सिलसिले में मैक्सिको गए थे। जिस वक्त यह हादसा हुआ, वह अकेले थे।