लोहड़ी के मौके पर आयोजित डीजे डांस प्रोग्राम देखने गए अधेड़ को खौफनाक अंजाम भुगतना पड़ा। कुछ बदमाशों ने तेजधार हथियार से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। घटना गांव कुराहवटा की है। वारदात के बाद से गांव में सनसनी फैल गई।
इस तरह सरेआम हत्या कर दिए जाने से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। राह चलते लोगों ने अधेड़ को सड़क पर तड़पते देखा तो तुरंत पुलिस को और उसके परिजनों को सूचना दी।
परिजनों ने मौके पर पहुंच कर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया। पिछले 15 दिनों में दूसरे व्यक्ति की हत्या से गांव में दहशत का माहौल है।
परिजनों ने किसी पर शक नहीं जताया
कुराहवटा निवासी दयाराम ने पुलिस को शिकायत दी है कि 13-14 जनवरी की रात को मकर संक्रांति के अवसर पर गांव में डीजे लगाकर ग्रामीण नाच रहे थे। दयाराम के मुताबिक उसके पिता धर्मचंद (55) भी वहां गए हुए थे।
रात को वह लोग सो गए, सुबह लगभग 04 बजे के करीब उन्हें सूचना मिली कि उसके पिता मौके पर गंभीर हालत में पड़े हैं। वह अपने भाई के साथ मौके पर पहुंचा, उन्होंने देखा कि उनके पिता बुरी तरह जख्मी हैं। उसके बाद वे अपने पिता को सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ लेकर आए जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
धर्मपाल के बड़े बेटे दयाराम ने बताया कि उसके परिवार की किसी से रंजिश नहीं थी। वो तो अपने काम से काम रखते थे। उनका मिट्टी के बर्तन बनाने का काम है। दयाराम ने बताया कि रात को वे गांव में डीजे का कार्यक्रम देखने चले गए। उन्होंने किसी पर शक भी नहीं जताया है।
गांव में हत्या की 15 दिन में दूसरी वारदात
पिछले 15 दिनों में गांव कुराहवटा के दो लोगों की हत्या होने से लोग दहशत में हैं। 30 दिसंबर को कुक्कू हत्याकांड अभी सुलझा ही नहीं था। न ही लोग इस वारदात को भूल पाए थे कि रात को एक और व्यक्ति की हत्या हो गई।
गांव में 15 दिनों के अंदर दो मौत होने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि 30 दिसंबर को कुराहवटा के कुक्कू को राव तुलाराम चौक पर 10-12 लोगों ने पीटा और बाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले के मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई है, जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। कुक्कू हत्याकांड में भी पुलिस की टीमें जगह-जगह छापामारी कर रही हैं।
- थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह श्योराण