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4 राज्यों का सिरदर्द बने गैंगस्टर का दिनदिहाड़े मर्डर

Thu, 22 Jan 2015 11:40 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर/फगवाड़ा
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शार्प शूटर के नाम से कुख्यात और कत्ल, इरादा-ए-कत्ल, लूटपाट व डकैती जैसे संगीन आपराधिक मामलों का सामना कर रहे सुक्खा काहलवां की बुधवार को बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी। काहलवां पेशी भुगतने के बाद पुलिस हिरासत में जेल लौट रहा था तभी रास्ते में बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया।
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पुलिस सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा काहलवां और राणा प्रताप सिंह को एक मामले में जालंधर और कपूरथला की अदालत में पेश करने लाई थी। दोनों को पेशी के बाद खुली पुलिस जीप में वापस नाभा जेल लाया जा रहा था तो जीटी रोड पर डिवाइन पब्लिक स्कूल के आगे दो फार्च्यूनर गाड़ियों में सवार होकर आए बदमाशों ने गोलियां चलाकर जीप के टायर पंक्चर दिए।

जीप रुकने पर सुक्खा काहलवां की गोलियां मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने तीस से ज्यादा फायर किए और पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर साथ ले गए। बाद में इन्हें थोड़ी दूर फेंककर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने हत्या के बाद मौके पर भंगड़ा भी डाला।
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40 से अधिक केस दर्ज थे शार्प शूटर सुक्खा पर

चार राज्यों की पुलिस को नाकों तले चने चबा चुके गैंगस्टर सुक्खा काहलवां पर 40 से अधिक केस दर्ज थे और दो बार वह मौत को मात दे चुका था। उसके अपराधों की फेहरिस्त बहुत लंबी है।

सुक्खा के जुर्म की कहानी लवली बाबा मर्डर केस से शुरू हुई। सुक्खा व लवली की दोस्ती काफी साल पुरानी थी, लेकिन बाद में दुश्मनी में बदल गई और सुक्खा ने लवली बाबा का मर्डर कर दिया। उसके बाद तो एक के बाद उसके अपराधों की फाइल मोटी होती रही। सुक्खा जालंधर के नेशनल हाईवे स्थित गांव काहलवां का रहने वाला है।

उस पर राजस्थान में पुलिस पार्टी की कस्टडी में कातिलाना हमला हुआ, जिसमें सुक्खा के दो साथी मारे गए। उस पर राजस्थान में लूटपाट के केस दर्ज थे। हमले में सुक्खा के पांव पर गोली लगी और वह पुलिस को गच्चा देकर अस्पताल से भाग निकला।

जेल से फेसबुक अपडेट कर रहा सुर्खियों में

सुक्खा ने इसके बाद लूटपाट का धंधा जारी रखा और अपना नया गिरोह संगठित कर लिया। सुक्खा काहलवां जेल से भी फेसबुक अपडेट कर सुर्खियों में रहा था।

उसने अपने साथियों के साथ मिलकर भाजपा के फगवाड़ा प्रधान गुरदर्शन ढिल्लों का भी कत्ल किया था। कत्ल फिल्मी स्टाइल में सरेआम एके 47 से गोलियां चलाकर किया गया था।

सुक्खा काहलवां शार्प शूटर के नाम से भी विख्यात हो चुका था और उस वक्त के फगवाड़ा के डीएसपी हरकंवलप्रीत सिंह खख ने उसे पहली बार दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर से काबू किया था। सुक्खा को गिरफ्तार किया तो उसके साथियों ने रोपड़ के पास पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर उसको छुड़वा लिया।

दो बार मौत को मात दे चुका था सुक्खा

2012 में सुक्खा ने हिसार के ज्वैलर हरजीत सिंह से चार किलो सोना व पैसा लूट लिया। उस वारदात में उसके साथ इटावा के दो लोगों के अलावा कानपुर का यामीन था। यामीन ने सोने के लालच में सुक्खा काहलवां को चाकू मारकर यमुना में फेंक दिया।

सुक्खा के दो साथी मनी निवासी लुधियाना व सलमान खान निवासी कानपुर गिरफ्तार हुए तो उन्होंने खुलासा किया कि सुक्खा काहलवां को यमुना में फेंक दिया है। जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई, लेकिन सुक्खा मौत के मुंह से बच निकला था और खुद अस्पताल पहुंच गया था। जहां से वह भाग निकला और हावड़ा पहुंच गया।

उसको एक स्पेशल टीम ने वहां से गिरफ्तार कर लिया और हिसार ले आए। सुक्खा ने कई पु्लिस अधिकारियों व थानेदारों को जान से मारने की सरेआम धमकी दे रखी थी और कहा था कि जेल से फरार होते ही वह उनका व परिवार का कत्ल कर देगा। रिकार्ड के मुताबिक सुक्खा पर करीब 40 अपराधिक केस दर्ज हैं, जिसमें पंजाब, राजस्थान, हरियाणा व यूपी में दर्ज हैं।
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हत्या पर उठ रहे सवाल

-कुख्यात अपराधी को खुली जीप में क्यों ले जा रहे थे पुलिसकर्मी
-हमलावरों ने टायर पंक्चर किए पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई नहीं की
-सिर्फ सुक्खा को ही निशाना बनाया, बाकी को खरोंच तक नहीं आई
-जीप में सात पुलिसकर्मी थे, किसी ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश नहीं की
-हत्या के बाद हमलावर जश्न मनाते रहे और पुलिसवाले चुपचाप देखते रहे


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