वहीं दो घंटे बाद जब मां की नींद खुली तो बच्चा गायब था। उसने तुरंत बच्चे की तलाश शुरू कर दी लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद वह अपने पति के पास फैक्ट्री गई। दोनों ने बेहड़े में बने सभी कमरों में तलाशी की, लेकिन किसी को बच्चे के बारे में कुछ पता नहीं था। आरोपी का कमरा बंद मिला तो सभी को शक हो गया। इसके बाद जब कमरा खोला गया तो बच्चे का शव खून से लथपथ कमरे में पड़ा मिला।
पानी को लेकर बच्चे की मां से हुई थी आरोपी की बहस
पुलिस के मुताबिक आरोपी शराब पीने का आदी था। वह मजदूरी करता था इसलिए उसके पास राजमिस्त्री के सभी औजार पड़े हुए थे। करीब एक सप्ताह पहले बच्चे की मां के साथ पानी को लेकर उसकी कहासुनी हो गई थी। बुधवार शाम को उसने शराब पी रखी थी। नशे में ही उसने बच्चे को उठाया और कुकर्म कर उसकी हत्या कर दी।
बेरहमी से गले पर चलाई आरी
आरोपी ने बुधवार को हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। उसने बच्चे के साथ न केवल कुकर्म किया बल्कि साढ़े चार साल के मासूम की गर्दन पर आरी चला दी। इससे बच्चे की गर्दन पर करीब चार इंच तक गहरा जख्म हो गया। आरोपी ने बच्चे की गर्दन पर आरी इस तरह से चलाई कि अगर थोड़ी तेज आरी चलाता तो गर्दन धड़ से अलग हो सकती थी।
जांच के बाद थाना डिवीजन छह पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉ. गुरसिमरन सिंह, डॉ. बिंदु और डॉ. गुरिंदरदीप सिंह गरेवाल पर आधारित तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि बच्चे के साथ कुकर्म किया गया है और तेजधार हथियार से उसकी हत्या की गई है।