वहीं, हिसार के डेरा खरड़ मठ के महंत जगतपुरी के बयान पर बहल के दो नामजद एवं अन्य युवकों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जगतपुरी ने पुलिस को बताया कि हंस पुरी उनका गुरु भाई था और बहल के बालाजी मंदिर में रहता था। उनकी शिकायत पर पुलिस ने बहल के बबलू, सुनील तथा एक अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। जांच अधिकारी राजबीर ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
डेढ साल पहले आया था हंसपुरी आश्रम में
राजस्थान की सीमा से सटे बहल कस्बे में एक कच्चा रास्ता राजस्थान के चुरू जिले के भोजाण गांव को जाता है। इसी रास्ते पर बालाजी का मंदिर बना हुआ है और इसी के पास दो कमरे बने हुए है। जिसमें हंसपुरी रहता था। वह पिछले करीब डेढ़ साल से यहां रह रहा था। जिसके पास लोगों का आना जाना था। लोगों ने बताया कि इससे पहले साधु के साथ किसी के विवाद की बात नहीं सुनी और अचानक हुई इस वारदात से लोग सन्न है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि साधु की आंख, छाती व कंधों पर चोट के निशान है। जिससे यह लगता है कि आरोपियों ने साधु को बेरहमी से पीटा है। घटना की जानकारी पर पहुंचे ढाणा जोगी आश्रम के महंत बाबा केशवनाथ तथा बहल अलख आश्रम के विकास गिरी ने घटना को निंदनीय बताया।