नजफगढ़ के चार युवकों की हत्या कर उनके शवों को बहादुरगढ़ के गांव ईस्सरहेड़ी लाकर कार के भीतर जला देने के मामले में पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
यहां से दो आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर और महिला आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि नजफगढ़ के गांव मितराऊ निवासी मनीष, संदीप, सुधीर और समसपुर निवासी दीपक की 31 दिसंबर की रात को हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने शवों को खुद बुर्द करने के लिए ईस्सरहेड़ी गांव लाकर कार में आग लगा दी थी।
एक जनवरी को गांव के लोगों ने देखा कि कार के भीतर कंकालनुमा दो शव पड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और कार की तलाशी ली, तो डिग्गी से दो और शव बरामद हुए। कार की चेसिस नंबर से मृतकों की पहचान हो पाई थी।
बहादुरगढ़ पुलिस ने इस मामले में मृतक मनीष के चचेरे भाई नरेंद्र के बयान पर गांव मितराऊ के निवासी रवींद्र उर्र्फ भोला के अलावा धमेंद्र, गोपाल, राहुल और दरियापुर निवासी चोटी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
पुलिस ने मामले में वांछित राहुल उर्फ काना, दीपक उर्फ दीपू और आरोपी धर्मेंद्र की मां कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। यहां से राहुल और दीपक को पांच दिन के पुलिस रिमांड और कृष्णा को जेल भेज दिया गया।
जिला पुलिस प्रवक्ता चमनलाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मनीष, संदीप, सुधीर और दीपक की हत्या मितराऊ गांव के एक ऑफिस में की गई थी। ये चारों 31 दिसंबर की रात अपने दोस्त भूपेश के घर से नया साल मना कर आ रहे थे। रास्ते में आरोपी पक्ष के एक युवक ने बातों में उलझाकर इन चारों को रोक लिया।
कुछ ही क्षणों में चारों को पिस्तौल के बल पर उनकी कार समेत रवींद्र के ऑफिस के अंदर ले गए और गोलियां मारकर चारों की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद चारों के शवों को संदीप की कार में डाला। दो शव कार की डिग्गी में और दो गाड़ी की पिछली सीट पर डाले गए। इसके बाद हत्यारों ने गांव ईस्सरहेड़ी के पास जंगल में शवों समेत गाड़ी में आग लगा दी।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी कृष्णा ने ऑफिस में फैले खून को साफ किया था। उसका बेटा धर्मेंद्र भी इस मामले में आरोपी है। फरार आरोपी रवींद्र के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा के थानों में 15, गोपाल पर दस और धर्मेंद्र पर तीन जघन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं। वारदात में दस से अधिक लोगों के शामिल होने का अंदेशा है।