घर से फौज में भर्ती होने गए सलेम टाबरी निवासी रजनीश कुमार उर्फ शिंटू को उसी के दूर के रिश्तेदारों ने अगवा कर तीन माह पहले ही हत्या कर दी थी।
हत्या के दो माह बाद तक कुछ पता नहीं चला। दो माह बाद मामले का उस समय पता चला जब जब आरोपियों ने रजनीश के परिजनों को फोन कर 12 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
पुलिस ने रजनीश के रिश्तेदार जस्सियां रोड स्थित अमन विहार निवासी ध्यान सिंह, विकास यादव और करणजीत यादव उर्फ निक्कू के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।
मेरठ में आरोपियों के खिलाफ हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने अगवा करने के बाद ही रजनीश की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
एडीसीपी वन अमरीक सिंह पंवार ने बताया कि 28 जनवरी को रजनीश कानपुर स्थित सेना भर्ती कार्यालय में भर्ती के लिए गया था। वहां से उसने फोन नहीं किया तो परिजनों ने सोचा कि वह फौज में भर्ती हो चुका होगा।
मार्च में आरोपियों ने रजनीश के पिता को फोन कर उनसे 12 लाखकी फिरौती मांगी। परिजनों ने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस के पास की। पुलिस ने मामले में पिछले सप्ताह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस ने जब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में उन्होंने बताया कि कहा कि जब रजनीश यहां से चला था तो उन्होंने उसे रास्ते में ही अगवा कर लिया था। वह उसे मेरठ ले गए।
वहां जंगल में ले जाकर उसकी तेजधार हथियार और गला दबा कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी यहां वापस आ गए। एडीसीपी ने कहा कि जब पुलिस ने मेरठ थाना कोतवाली पुलिस से बात की तो पता चला कि 30 मार्च को पुलिस को एक शव मिला था।
थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या कर शव को खुर्द बुर्द करने का मामला दर्ज है। एडीसीपी ने कहा कि पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी हुई है।