फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवक सुसाइडः SHO समेत 4 पुलिस वालों पर हत्या का केस

Mon, 21 Dec 2015 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर थाने में युवक ने फंदा लगा लिया। मामले में चौकी प्रभारी समेत चार पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है। मृतक युवक टिंका को मोबाइल चोरी और स्नेचिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन


मामले में एसएचओ मोहकम्मपुरा नरिंद्र कौर मल्ली को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं चौकी वल्ला के प्रभारी एएसाई मंजीत सिंह, मुंशी जगजीत सिंह, हवलदार रछपाल सिंह, संतरी अमानत मसीह के खिलाफ हत्या के अलावा एससी एसटी एक्ट का मामला दर्जकर एसीपी ईस्ट हरजीत सिंह धालीवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

वहीं टिंका के परिजनों ने सोमवार को पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दोषियों को जेल भेजने की मांग की। बवाल की आशंका के चलते बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। प्रदर्शन के दौरान मां सीता देवी बेटे टिंका की मौत का जिम्मेदार आढ़ती और पुलिस की मिलीभगत को ठहराया है।
विज्ञापन


सीता ने आरोप लगाया आढ़ती शामलाल निवासी मकबूलपुरा ने टिंका के खिलाफ मोबाइल चोरी करने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आढ़ती ने पुलिस को रिश्वत देकर टिंका पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करने के लिए दबाव डाला था।

रविवार को जब वह बेटी खाना देनी गई तो चौकी इंचार्ज मंजीत सिंह, मुंशी जगजीत सिंह, हवलदार रछपाल सिंह, संतरी अमानत मसीह ने रिहा करने के लिए पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। उसने दो हजार लेकर बेटे को छोड़ने के लिए गुहार लगाई की। इसके बाद भी पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा।

दो घंटे बाद चौकी से फोन आया कि टिकां ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। डीसीपी क्राइम ने लखबीर सिंह ने परिजनों को बताया कि मामले में एसएचओ मोहकम्मपुरा नरिंद्र कौर मल्ली को सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

चौकी वल्ला के प्रभारी एएसाई मंजीत सिंह, मुंशी जगजीत सिंह, हवलदार रछपाल सिंह, संतरी अमानत मसीह के खिलाफ हत्या और एससी एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और  एसीपी ईस्ट हरजीत सिंह धालीवाल को केस का जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

टिंका की उम्र को लेकर विरोधाभास
टिंका के आधार कार्ड में 17 वर्ष की आयु का खुलासा हुआ है। वहीं पुलिस के मुताबिक उसकी आयु 21 वर्ष है । डीसीपी क्राईम लखबीर सिंह ने खुद कहा था कि टिंका की आयु 21 वर्ष है। उसे बीस वर्ष के आयु में थाना ए डिवीजन पुलिस ने एक्साइज एक्ट में गिरफ्तार किया था। उसका केस कोर्ट में विचाराधीन है। बेल पर रिहा होने के बाद टिंका किराए का आटो रिक्शा चलाता था।

मोबाइल चोरी में जानबूझकर फंसाया
मृतक टिंका की मां सीता देवी का कहना है कि मोबाइल की चोरी टिंका के दोस्त विक्की मकबूलपुरा ने की थी। वह उसके आटो पर बैठकर कही जा रहा था। रास्ते में पुलिस ने आटो रोककर चेकिंग की तो विक्की के पास चोरी का मोबाइल बरामद हुआ। इस पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। चौकी में आढ़ती शामलाल ने विक्की को छोड़ देने व टिंका को इस केस में नामजद करने के लिए चौकी इंचार्ज मंजीत सिंह को रिश्वत दी। सीता देवी ने आरोप लगाया आढ़ती शामलाल उसके बेटे से रंजिश रखता था और कहता था कि एक दिन तुम्हें किसी केस में फंसाएगा।

पूर्व मेयर पीड़ित परिवार से मिले
पीड़ित परिवार से संवेदना जताने आए कांग्रेस के पूर्व मेयर सुनील दती, मनजिंदर सिंह मन्ना ने कहा कि टिंका की मौत के लिए पुलिस जिम्मेदार है। पुलिस ने झूठा फंसाकर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। पीड़ित परिवार को जल्द इंसाफ न मिला तो कांग्रेस कार्यकर्तापुलिस प्रशासन व राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने मृतक की मां सीता देवी को आर्थिक सहयोग व परिवार में एक सदस्य को  सरकारी नौकरी देने की मांग की उठाई।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें