14 साल पहले हुए हत्या के मामले में सबूतों के अभाव में अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया। इससे पहले इस मामले में दो को उम्रकैद हो चुकी है।
मामले के अनुसार सेक्टर-37 निवासी उमंत सिंह वालिया ने पुलिस को छह दिसम्बर 1999 में मनप्रीत सिंह, सुनील कुमार और हरीश के खिलाफ उसके भाई गुणवंत सिंह की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
हत्या से पहले उन्होंने उसके भाई से अंगूठी और पर्स ले गए थे। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान 2003 में मनप्रीत सिंह भगौड़ा हो गया था। जबकि अदालत ने 31 जनवरी 2008 को सुनील कुमार उर्फ चिकना और मोहाली निवासी हरीश कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने खरड़ के दशमेश नगर निवासी मनप्रीत सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। आरोपी इस मामले में पहले भगौड़ा हो चुका था। उसे पुलिस ने छह महीने पहले ही गिरफ्तार किया था।