तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह पर एक आरजी पाठी ने जानलेवा हमला कर दिया। मामला पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब(रोपड़) का है। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह पर एक आरजी पाठी ने किरचनुमा हथियार से जानलेवा हमला कर दिया।
हमलावर निहंग सिंह की पोशाक में था और उसकी पहचान जोगा सिंह निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। एसजीपीसी कर्मियों ने हमलावर को काबू कर पुलिस को सौंप दिया है।
जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह ने बताया कि वह तख्त साहिब के मैनेजर से मिलने के बाद अपने दफ्तर में जा रहे थे कि निहंग पोशाक पहने एक युवक ने पास आकर फ़तेह बुलाई। उन्होंने आगे आकर युवक को फ़तेह का जवाब दिया। इसी दौरान आरोपी युवक ने किरचनुमा हथियार से उन पर हमला कर दिया जो उनके दाहिने जांघ (पट्ट )में लगी।
ज्ञानी मल सिंह के सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को मौके पर ही पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। जत्थेदार ने बताया कि उन्होंने आरोपी युवक को माफ कर दिया है और एसएसपी से आरोपी पर कार्रवाई नहीं करने को कहा है।
जत्थेदार पर हुए इस हमले को डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को दी गई माफी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक हमलावर युवक कीरतपुर साहिब स्थित शिरोमणि समिति के अधीन ऐतिहासिक गुरुद्वारा बाबा गुरदित्ता जी में आरजी पाठी के तौर पर नौकरी करता है।
हादसे के बाद जत्थेदार की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। उधर, प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने जत्थेदार पर हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
उध्ार तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह ने कहा कि कौम के भले लिए ही डेरा प्रमुख को क्षमा करने का फ़ैसला लिया गया है। संगत के बड़े हिस्से की तरफ से इस फैसले के प्रति जताई जा रही नाराजगी के सवाल पर जत्थेदार ने कहा कि यदि श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह चाहें तो डेरा प्रमुख को माफ करने के मसले पर दोबारा विचार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने माना कि इस फ़ैसले से कौम नाराज है।