मिर्चपुर कांड में हत्या मामले में भगोड़ा, फिरौती व लूट मामलों में वांडेट सुमित मिर्चपुर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मल्टीप्लेक्स में मूवी देखते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
जींद के मल्टीपलेक्स में मूवी देखने के दौरान ही सीआईए टू की टीम ने उसे घेरकर अंदर से ही गिरफ्तार कर लिया। सीआईए टू के पास किसी मुखबिर ने सुमित के बारे में सूचना भेजी थी। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत कार्रवाई की और 25 हजार के इनामी बदमाश सुमित को दबोच लिया।
सुमित पर हत्या के तीन, हत्या के प्रयास के तीन, लूट, डकैती तथा आगजनी करने सहित करीब 11 मुकदमे दर्ज हैं। जिले में कई आपराधिक वारदात अंजाम देकर उसने दहशत फैला रखी थी। वहीं पुलिस के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था।
इतना ही नहीं सुमित 21 अप्रैल 2010 में हुए मिर्चपुर कांड में आगजनी कर दो लोगों की जान जाने वाले मामले में भी शामिल रहा है। वह इस मामले में भगोड़ा भी है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
सीआईए टू इंचार्ज राजाराम ने बताया है कि सुमित ने 16 मार्च को काजला गांव के डाकिया पवन कुमार गोयल की गोली मारकर हत्या के मामले में सतीश का साथ दिया था। उन्होंने पहले पवन से 50 लाख रुपये की चौथ मांगी थी। पुलिस ने काजला गांव निवासी सतीश व सुंडावास निवासी सुनील को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
मिर्चपुर कांड: ताराचंद के मकान में आग लगा दी थी
11 वारदात कबूली
सीआईए टू इंचार्ज राजाराम ने बताया है कि एसपी सतेंद्र कुमार गुप्ता के दिशानिर्देश पर सुमित को गिरफ्तार किया गया है। आरंभिक पूछताछ में सुमित ने अलग-अलग 11 वारदात कबूली हैं।
इन वारदात में रहा शामिल
- 21 अप्रैल 2010 को बहुचर्चित मिर्चपुर कांड में सुमित पर हत्या, आगजनी करने, लूटपाट व एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। सुमित ने गांव के एक समुदाय के लोगों के साथ मिलकर ताराचंद के मकान में आग लगा दी थी, जिसमें ताराचंद और उसकी लड़की सुमन की मौत हो गई थी।
- 3 मई 2010 को नारनौंद में वीरभान के साथ मारपीट की तथा जातिसूचक गालियां दी।
- 7 मार्च 2012 को जाट आरक्षण के दौरान सुमित ने सेशन जज की गाड़ी को आग लगा दी थी।
- 27 नवंबर 2014 को नारनौंद में सुमित ने दया किशन पर जानलेवा हमला किया।
- 25 जुलाई 2014 को बरवाला में वार्ड नंबर 12 निवासी जगबीर की पिस्तौल के बल पर रिट्ज गाड़ी लूटी।
- 10 अगस्त 2014 को ढ़ाणी पाल हांसी निवासी राधे गुज्जर की हत्या को अंजाम दिया था।
- 25 जून 2014 को नारनौंद के किन्नर निवासी सुरेश का रास्ता रोककर 22 हजार रुपये की नकदी छीनी।
- 21 नवंबर 2014 को थुराना निवासी जगबीर पर फायरिंग कर जानलेवा हमला किया।
- 24 फरवरी 2015 को सखरपुर को भट्टू-फतेहाबाद निवासी सतबीर की मोबाइल, नकदी लूट ली।
- 20 नवंबर 2014 को भिवानी जिला के गांव गुजरानी निवासी सुनील पर फायरिंग कर जानलेवा हमला किया।