पटियाला। बहुचर्चित मनी लांड्रिंग केस सोमवार को स्पेशल जज एचएस मदान की कोर्ट से सीबीआई अदालत में शिफ्ट कर दिया गया। केंद्रीय वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में भेजी नोटिफिकेशन की कॉपी ईडी ने कोर्ट में पेश की।
इससे पहले सोमवार को कोर्ट में भोला के वकील ने चार्जफ्रेम पर बहस की। केस में अगली सुनवाई सात अप्रैल को सीबीआई जज केएस बाजवा की अदालत में होगी। कोर्ट में पेशी भुगतने के लिए अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर जगदीश सिंह भोला भी पेश हुआ।
भोला के वकील सतीश करकरा ने बताया कि भोला की तरफ से उन्होंने केंद्र सरकार को कई लीगल नोटिस भेजे और कुछ पत्र भी लिखे। इनमें भोला के साथ नाभा जेल में हो रहे टार्चर, कागजातों की चेकिंग के बगैर उस पर डाले झूठे केसों और मुंबई कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते समय भोला को रास्ते में आई दिक्कतों के बारे में बताकर इन सब को रोकने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की गई थी।
इस सब को ध्यान में रखकर केंद्रीय वित्त विभाग ने मनी लांड्रिंग केस को स्पेशल जज एचएस मदान की कोर्ट से सीबीआई अदालत में शिफ्ट कर दिया है। इस संबंध में नोटिफिकेशन सोमवार को ईडी ने कोर्ट में पेश कर दिया। इसके बाद दोपहर बाद मनी लांड्रिंग केस की सभी फाइलें व कागजात सीबीआई अदालत में भेज दिए गए।
केस में अगली सुनवाई सात अप्रैल को अब सीबीआई जज केएस बाजवा की अदालत में होगी। इससे पहले आज स्पेशल जज की अदालत में चार्जफ्रेम पर बहस हुई। यह बहस भोला के वकील की तरफ से की गई।
ईडी की तरफ से कोर्ट में असिस्टेंट डायरेक्टर निरंजन सिंह और पब्लिक प्रोसीक्यूटर बलराम शक्ति पेश हुए। भोला के वकील ने कहा कि केस के सीबीआई अदालत में शिफ्ट होने से उन्हें पूरी उम्मीद है कि भोला को सच्चाई के आधार पर न्याय मिल सकेगा।