युवकों ने 10वीं की छात्रा से छेड़छाड़ की। जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो तमंचे और डंडों से हमला कर उसका दांत तोड़ दिया। मामला हरियाणा के रोहतक का है। छात्रा को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसकी वजह से छात्रा सोमवार को परीक्षा भी नहीं दे सकी। वहीं, महिला पुलिस थाने में पीड़ित के पिता के बयान पर चार आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक गांव की नाबालिग छात्रा सोमवार सुबह कचरा फेंकने के लिए गई थी। यहां गांव के तीन चार युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। जब छात्रा वापस घर आ रही थी तो आरोपियों ने उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी।
छात्रा ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके चेहरे और गर्दन पर तमंचे से वार कर दिया। इससे नाबालिग का दांत टूट गया और उसकी गर्दन में घाव हो गया। छात्रा के शोर मचाने पर ग्रामीण जुटता देख आरोपी फरार हो गए।
उधर जब परिजन छात्रा को घायल अवस्था में लेकर पीजीआई पहुंचे तो यहां से पीजीआई प्रबंधन ने छात्रा को सिविल अस्पताल भेज दिया। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज की बजाय पुलिस केस बता महम पुलिस के पास भेजने की सलाह दी। करीब दो घंटे तक छात्रा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण दर्द से कराहती रही।
परिजन पीड़ित को ऑटो में बैठाकर पहुंचे महिला थाने: काफी देर गुहार के बाद सीएमओ ने सिविल अस्पताल में डॉक्टरों को पीड़ित का इलाज करने के निर्देश दिये। फिर भी सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से इलाज नहीं किया गया। दुखी परिजन खुद पीड़ित को ऑटो में बैठाकर महिला थाने ले आए। यहां से एक सिपाही पीड़ित पक्ष के साथ बैठकर सिविल अस्पताल पहुंचा और एमएलआर कटवाई। तब जाकर प्राथमिक उपचार मिला।