अच्छा भला मामला निपटने को तैयार था। लड़के उन्हें सरेआम राखी बांधने को तैयार थे, लेकिन रोहतक सिस्टर्स की नई शर्त ने खाप को भी चौंका दिया।
बहनें चाहती हैं कि लड़के उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। बता दें कि समझौता कराने के लिए हुड्डा व दहिया खाप को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ पाया है।
कैनाल रेस्ट हाउस में हुई पंचायत में लड़कियों की ओर से गठित कमेटी के सदस्य रामफल, प्रधान नरेंद्र खटकड़, ओमप्रकाश टिटौली, प्रेम भंडारी, सुरेश खत्री पहुंचे तो लड़का पक्ष की ओर से आसन के पूर्व सरपंच रामचंद्र हुड्डा और 33 सदस्यीय समिति के मुख्य संयोजक सूरजभान पटवारी व अन्य मौजूद रहे।
सार्वजनिक माफी की शर्त लड़का पक्ष ने नकार दिया
गुपचुप पंचायत में किसी पक्ष के परिजन शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि लड़का पक्ष ने सार्वजनिक माफी मांगने की शर्त को यह कहकर नकार दिया कि माफी तो पहले मांग ही चुके हैं। अब तो समझौता ही बनता है।
दोनों पक्षों के बीच इस बात पर भी मंथन हुआ कि लड़के व लड़कियों का आपस में भाई बहन का रिश्ता बनवाते हुए लड़कियां उन्हें राखी बांध दे। लेकिन, बाद में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात पर मामला अटक गया और पंचायत बेनतीजा रही।
कमेटी (लड़की पक्ष) का कहना है कि मामले में समझौते के लिए बैठक हुई थी, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। वहीं लड़का पक्ष की ओर से पंचायत में शामिल सूरजभान पटवारी का कहना है कि बैठक तो हुई है, लेकिन इस बारे में अभी कुछ जानकारी देना ठीक नहीं है।