पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय में उच्च अधिकारी होने के नाम पर पैसे ठगने वाले शातिर को जीरकपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह ट्रांसफर व नौकरी बहाली के नाम का झांसा देकर लोगों को ठगता था। आरोपी की पहचान संजय कुमार, निवासी जिला शिमला हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। उस पर पुलिस 420 व 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को शनिवार को डेराबस्सी अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे तीन दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने करीब तीस लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया था। वह अधिकतर सरकारी विभागों में तैनात लोगों को ट्रांसफर या सस्पेंड मुलाजिमों को बहाल करने के नाम पर ठगता था। वह पंजाब या हिमाचल के लोगों से मिलने के दौरान वहां के मुख्यमंत्री आफिस में तैनात होने का झांसा देकर ठगी करता था। साथ ही उनका काम हाथों हाथ करवा देगा। मामले के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सतनाम सिंह ने आरोपी के गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
होटलों में करता था डील, बदल लेता था नाम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जब लोगों से मिलता था तो अपना नाम भी बदल लेता था। उक्त एरिया में वह लोगों से नरिंदर नाम से मिला था। वह लोगों को ठगने के लिए फिल्मी अंदाज में आलीशान होटलों में जीरकपुर में रुकता था। इसके बाद वहां से ठगी कर निकल जाता था।
पुलिस ने नौकरी बहाल के नाम पर किया संपर्क
जीरकपुर पुलिस को इस संबंधी सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने अपने मुलाजिम को उसके पास ग्राहक बनाकर भेजा था। उसने आरोपी से कहा कि उसे बहाल करवा दे। इस पर आरोपी ने कहा कि इसके लिए चालीस हजार खर्च आएगा। इसके बाद दोनों में डील पक्की हो गई। जब वह शनिवार को अपनी पेमेंट लेेने के लिए जीरकपुर लाइट प्वाइंट पर आया, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस का मानना है कि यह रैकेट काफी बड़ा है। इसमें कई और लोग शामिल हैं। जल्दी ही अन्य लोग भी पकड़े जाएंगे।
अखबार पढ़कर संपर्क साधता था आरोपी
जानकारी के मुताबिक, आरोपी संजय काफी शातिर था। वह रोजाना अखबार पढ़ता था। इस दौरान जब किसी मुलाजिम के सस्पेंड होने संबंधी खबर छपती थी। वह उनसे संपर्क साधता था। साथ ही उन्हें कहता था कि यदि वह उन्हें पैसे देंगे तो उन्हें बहाल करवा देगा।
करीब दस केस सामने आए
पुलिस के पास करीब दस ऐसे लोग सामने आए हैं, जिन्होंने आरोपी को पचास हजार से एक लाख रुपये तक दिए हैं। पुलिस की तरफ से उन्हें बुलाया गया है। साथ ही अपने दर्ज करवाने को कहा है।