मोगा जिला पुलिस ने निजी बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से गरीब परिवार की लड़कियों के नाम पर धोखे एवं जालसाजी से खाते खुलवा करोड़ों के काले धन के कारोबार का पर्दाफाश किया है। आयकर विभाग की ओर से गरीब परिवारों को नोटिस जाने के बाद सच्चाई सामने आई है।
जिला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओ विंग) के इंचार्ज इंस्पेक्टर सूरजपाल सिंह ने बताया कि थाना सिटी में केस दर्ज कर स्थानीय आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मैनेजर विशाल मित्तल गली नंबर 7 न्यू टाउन के अलावा स्थानीय रामगंजमंडी में गणपति मनीचेंजर के मालिक राज कटारिया को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए अदालत से दो दिन का रिमांड हासिल किया है। उन्होंने बताया कि इस केस में मनीचेंजर के भाई अशोक कटारिया, बैंक एजेंट जतिंदर कुमार दौलतपुरा और एक अज्ञात लड़की की गिरफ्तारी बाकी है।
मनप्रीत कौर ने पुलिस को बताया कि वह दुबई से अपने परिवार को मनीचेंजर के जरिये पैसे भेजती थी। मनीचेंजर ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से उसके पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) से किसी अन्य लड़की से उसके जाली हस्ताक्षर करवाकर आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवा लिया। इस खाते में से करोड़ों का लेन देन किया गया। बीती 3 जून को आयकर विभाग का उन्हें नोटिस मिला तो उन्हें इस घोटाले के बारे में पता लगा। जिला पुलिस प्रमुख हरजीत सिंह पन्नू ने इस घोटाले की प्राथमिक जांच डीएसपी सिटी हरिंदर सिंह डोड से करवाई थी। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी मनीचेंजर ने आईसीआईसीआई बैंक के अलावा एचडीएफसी में कई गरीब परिवारों के नाम पर खाते खोलकर करोड़ों के काले धन का लेन देन करने का भी पता लगा है।
इससे पहले बीती 18 जून को थाना बाघापुराना में एचडीएफसी बैंक के एजेंट नितिन गोयल निवासी बाघा पुराना और बैंक मैनेजर अनूप वडेरा के खिलाफ जीवनजोत बेटी प्रेम कुमार निवासी निहाल सिंह वाला की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। इस केस में पीड़ित ने आरोप लगाया कि वह प्राइवेट स्कूल में अध्यापिका हैं। एचडीएफसी बैंक एजेंट नितिन गोयल ने सरकारी स्कीम का लाभ देने का झांसा देकर उनके चार पारिवारिक सदस्यों का खाता खोल दिया। इसके बाद पीड़ित लड़की के खाते में करोड़ों के काले धन का लेन देन करते रहे। आयकर विभाग ने 25 जुलाई 2015 को उन्हें नोटिस जारी किया तो इस धोखाधड़ी का भेद खुल गया।