बच्चों से कुकर्म मामले में जुल्फिकार खान की जमानत याचिका पर सुनवाई 1 जुलाई तक के लिए टल गई है। शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने बचाव पक्ष की ओर से जिस सीडी और ट्रांसक्रिप्टेड स्क्रिप्ट को आधार बनाकर नियमित जमानत याचिका दायर की थी, उसकी कॉपी के लिए अदालत में अपील की थी। इस पर कोर्ट की ओर से उसको दोनों की कॉपी उपलब्ध करवाई दी।
मंगलवार को केस में पुलिस की ओर से एक कर्मी के बयान भी दर्ज किए गए। जुल्फिकार की ओर से उसके वकील एएस सुखीजा ने 4 जून को पांचों केस में नियमित जमानत याचिका दायर कर रखी है। उनकी ओर से शिकायतकर्ता कंवरपाल और उसके वकील द्वारा जुल्फिकार के भतीजे शादाब को ब्लैकमेल कर 15 लाख रुपये मांगने की बातचीत की रिकार्डिंग को आधार बनाया गया है।
बचाव पक्ष की ओर से याचिका के साथ दोनों पक्षों के बीच की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग की सीडी और ट्रांसक्रिप्टेड कॉपी संलग्न की गई है। अदालत ने पुलिस को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा था।
वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने अदालत में बताया कि जिस सीडी और स्क्रिप्ट के आधार पर जमानत याचिका दायर की गई है, उसके जवाब में उन्हें कुछ सबूत और रिकार्डिंग पेश करने के लिए वक्त चाहिए। उनका कहना है कि उनके खिलाफ पेश की गई सीडी फर्जी है।
पुलिस ने कहा, गवाहों को करेगा प्रभावित
मंगलवार को पुलिस ने मामले में जवाब दाखिल किया। पुलिस ने कहा है कि कुछ दिनों पहले ही केस ही सुनवाई के दौरान एक पीड़ित को कोर्ट परिसर से अगवा कर लिया गया था। उस मामले में उसकी शिकायत पर जांच की जा रही है। साथ ही शिकायतकर्ता कंवरपाल पहले ही उससे जान का खतरा बताकर शिकायत दे चुका है। ऐसे में अगर आरोपी बाहर आया तो वह बाहर आकर केस के सभी गवाहों को प्रभावित कर सकता है। पुलिस के जवाब के बाद अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए 1 जुलाई की तारीख तय की है।