सवा दो माह पहले एक 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर लिया गया। परिजन बेटी की लिए दर दर की ठोकरे खाते रहे। पुलिस ने भी कोई सहयोग नहीं किया। आईजी के मामले में हस्तक्षेप करने के बाद पुलिस ने मामले में छानबीन की तो पता चला कि एक महिला समेत छह आरोपियों ने उसका अपहरण किया है और उसके साथ दो माह तक दुष्कर्म किया है।
पुलिस ने किशोरी को यूपी के फर्रुखाबाद से बरामद किया है। किशोरी दो माह की गर्भवती है। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी का आरोप है कि पुलिस ने अदालत में उसके 164 के बयान कराने के दौरान काफी धमकाया है। शहर के एक क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि वो मूलरूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाले हैं। वो 19 साल से पानीपत में रहकर मजदूरी करते हैं। उसकी बड़ी बेटी 14 साल की हैं। उसकी बेटी 26 सितंबर को अपनी सहेली के पास गई थी।
उसके बाद से ही वो लापता थी। वो लगातार पुलिस के पास चक्कर काट रहे थे, लेकिन कोई उसकी सुनवाई नहीं कर रहा। कई बार चक्कर काटने के बाद पुलिस ने 27 सितंबर को मामले में अपहरण का केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन सही कार्रवाई नहीं की। वो अपने स्तर पर भी बेटी की तलाश करते रहे।
उन्होंने मामले की शिकायत आईजी योगेंद्र नेहरा से की। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मंगलवार को उसकी बेटी को आरोपी नन्हा के साथ फर्रुखाबाद से बरामद किया है। आरोपी नन्हा ने अपने जीजा परमानंद, भूरा, सुनील व पड़ोसी राजकुमार के पिता ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया है और जान से मारने की धमकी भी दी।
उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी बेटी को बरामद करने के बाद उनको सूचना तक नहीं दी और उसकी बेटी को बाल निकेतन में छोड़ दिया। पुलिस ने बयान बदलने के लिए भी प्रताड़ित किया। मेडिकल कराने पर उसकी बेटी दो माह की गर्भवती मिली। पुलिस ने अब तक मामले के एक ही आरोपी को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपी उनको घर में आकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और मारपीट कर रहे हैं।
हमने मामले में तुरंत केस दर्ज कर लिया था। आरोपी बार-बार लोकेशन बदल रहा था। इसलिए आरोपी तक पहुंचने में समय लग गया। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जल्द दूसरे आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
-प्रवीण कुमार, जांच अधिकारी किला पुलिस थाना