मेडिकल लीगल रिपोर्ट में धारा 326 को शामिल करवाने के नाम पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेते सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर के एक डॉक्टर को विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी डॉ. गुरकीरत सिंह मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग में काम करता है। विजिलेंस ने इस दौरान डॉक्टर के कार्यालय का सारा रिकार्ड भी कब्जे में ले लिया है। ब्यूरो कर्मचारियों ने डॉक्टर के घर की भी तलाशी ली है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से सूचनाएं मिल रही थी कि मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है।
विभाग के डॉक्टर रिश्वत लेकर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करके देते हैं। संधू कालोनी के निवासी नरिंदर सिंह पुत्र दीप सिंह ने विजिलेंस के पास शिकायत की थी कि कुछ दिन पहले उसका किसी के साथ झगड़ा हो गया था।
इसी दौरान उसकी मेडिकल रिपोर्ट में धारा 323 और 324 दर्ज हो गई थी। रिपोर्ट में धारा 326 को दर्ज करने के लिए डॉ. गुरकरीत सिंह ने उससे दस हजार रुपये मांगे। जो उसने डॉक्टर को दे दिए। जब वह मेडिकल लीगल रिपोर्ट लेने के लिए गए तो उससे दस हजार रुपये और मांगे गए।
सौदा पांच हजार रुपये में तय हो गया। इसकी सूचना नरिंदर सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को दी। नरिंदर सिंह जब डॉक्टर को पैसे दे रहा था तो विजिलेंस की टीम ने छापा मार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उससे पांच हजार रुपये भी बरामद कर लिए।