पांच दिन से विवाहिता को ऐसे कमरे में बंद कर रखा जहां पंखा तक नहीं था। भूख प्यास से तड़प कर उसकी मौत हो गई। ये इल्जाम महिला के भाई ने उसके ससुरालवालों पर लगाए हैं। मामला हरियाणा के हिसार/बरवाला के गांव बधावड़ का है।
यहां एक महिला कमला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह पोस्टमार्टम के वक्त मृतका के भाइयों महाबीर, बजे सिंह आदि ने आरोप लगाया कि उनकी बहन को पिछले पांच दिन से एक ऐसे कमरे में बंद कर रखा गया था, जहां पंखा तक नहीं था। मरने से पहले वह भूख प्यास से इतना तड़पी की नाखूनों से फर्श को खोद दिया।
मायके के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने आई पुलिस को भी आड़े हाथों लिया, बोले गड़बड़ी न करें। इस बीच महिला के गले पर चोट के कुछ निशान मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि बरवाला थाना प्रभारी कपिल इन आरोपों को नकार रहे हैं। बोले कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो सामने आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। बंधक वाली बात में भी सच्चाई नहीं है।
कमला (43) के मायके भैणी महाराजपुर, रोहतक से आए उसके भाई महाबीर, बजे सिंह, जिले सिंह, अतर सिंह आदि ने बताया कि करीब 28 साल पहले कमला की शादी गांव बधावड़ के दीपा उर्फ दलीपा के साथ हुई थी। उसके तीन बेटे हैं। शनिवार को परिवार में ही ब्याही उनकी दूसरी बहन संतोष ने सूचना दी कि कमला को कमरे में बंद करके रखा गया है और उसे खाना पानी भी नहीं दिया जा रहा। वे सायं को बधावड़ पहुंचे।
उनकी बहन की तब तक मौत हो चुकी थी। उनका दावा है कि वे मौके पर पहुंचे तो कमला का शव एक ऐसे कमरे में पड़ा था, जहां पंखा भी नहीं था। दीवार में छोटा सा होल (छेद) था, उसी से कमला को संभत: कुछ खाने को दिया जाता होगा। कमरे के फर्श पर खरोंच के निशान थे।
मृतका के भाइयों ने पुलिस को भी कुछ इसी तरह के बयान दिए। इसमें उन्होंने बहन की मौत के लिए पति, उसके भाई, एक महिला व मृतका के बड़े बेटे को जिम्मेदार ठहराया है।