योजनाबद्ध तरीके से टीनू को लाया गया था मानसा
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि प्रितपाल सिंह और टीनू की दोस्ती उसकी गिरफ्तारी के दौरान ही हुई थी। टीनू को तब भी सीआईए स्टाफ मानसा में ही रखा गया था। प्रभारी प्रितपाल सिंह ही था। सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान दोनों में एक बड़ी डील हुई। पता यह भी चला है कि टीनू को योजनाबद्ध तरीके से एक अन्य केस में दोबारा सीआईए मानसा में इसलिए लाया गया था ताकि उसे कोई तकलीफ न हो। यहां उसकी पूरी मेहमान नवाजी का इंतजाम प्रितपाल सिंह ने ही किया था।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि टीनू ने बैंक से पैसे भी निकलवाए थे। हिरासत के दौरान किस बैंक से कितने पैसे निकलवाए गए, एसएसपी गौरव धूरा इसकी जांच में खुद जुटे हैं। इस पूरे केस में कितना पैसा लिया गया है, इसकी जांच तेजी से चल रही है। पुलिस ने जांच में आर्थिक अपराध शाखा को भी शामिल कर लिया है।
मूसेवाला केस की जांच पूरी हो चुकी है, दीपक टीनू की फरारी अलग विषय: गुरमीत चौहान
एंटी गैंगस्टर फोर्स के एआईजी गुरमीत चौहान का कहना है कि मूसेवाला हत्याकांड में गिरफ्तारी व जांच हो चुकी है। उसकी जांच आला अधिकारियों ने की थी। इसमें प्रितपाल सिंह का कोई अहम रोल नहीं था। दीपक टीनू की फरारी के मामले में अब अधिकारी जांच कर रहे हैं। यह अलग विषय है।