मानसा में दलित युवक सुखचैन सिंह का कत्ल
पंजाब के मानसा में दलित युवक की हत्या कर टांग काटने जैसी वारदात 10 महीने पहले भी हो चुकी है। 10 दिसंबर, 2015 को अबोहर में शराब कारोबारी व अकाली नेता शिवलाल डोडा के फार्म हाउस में दलित युवक भीम टांक का हाथ-पांव काटकर कत्ल कर दिया गया था। ये मामला अखबार में सुर्खियां बना था।
अब फिर वैसी ही वारदात सामने आई है। आरोपियों को शक था कि सुखचैन अवैध शराब की तस्करी की खबर पुलिस को देता है। आरोपी उसकी कटी हुई एक टांग भी साथ ले गए। पुलिस ने जिन 6 आरोपियों पर कत्ल का केस दर्ज किया, उनमें से अकाली सरपंच सरदूल सिंह और सीएम के ड्राइवर निरंजन सिंह के रिश्तेदार भी हैं।
मृतक के घरवालों ने शव को मानसा अस्पताल में रखकर धरना भी दिया। उनका कहना है कि जब तक शव के बाकी हिस्से नहीं मिलते और आरोपी पकड़े नहीं जाते, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पुलिस का मुखबिर था सुखचैन
अबोहर में दलित युवक भीम टांक का कत्ल
गांव घरागणा का नौजवान सुखचैन सिंह उर्फ पाली (20) पुत्र रेशम सिंह कुछ समय पहले अपने साथियों के साथ मिलकर शराब बेचता था। बाद में उनकी किसी बात पर आपस में अनबन हो गई। उसके बाद सुखचैन सिंह किसी ठेकेदार के पास काम करने लगा। उन लोगों ने सुखचैन सिंह के साथ झगड़ा किया और वह ठेकेदार के पास से हट गया।
रेशम सिंह ने पुलिस को बताया कि हमलावर नाजायज शराब बेचते हैं। उनको शक हुआ कि सुखचैन सिंह पुलिस और ठेकेदार के पास शराब बेचने की मुखबिरी करता है। इस बात पर दोनों में कई बार झगड़ा भी होता रहा। सोमवार रात करीब आठ बजे सुखचैन सिंह अपने घर लौट रहा था तो छह लोग उसको राम बाग के पास से उठा कर किसी सुनसान जगह पर ले गए। वहां पर आरोपियों ने उसका बेरहमी से कत्ल किया।
उसकी बाजू और एक टांग के टुकड़े टुकड़े कर दिए। हमलावर लाश को रात के समय उसके घर के पीछे गली में फेंक गए। थाना कोटधरमू के मुखी चन्नन सिंह ने बताया कि हमलावरों को सुखचैन सिंह पर शराब की मुखबिरी करने की शक था, जिस वजह से उन्होंने इस कत्ल को अंजाम दिया। मृतक नौजवान की एक टांग नहीं मिली है। पुलिस ने पारिवारिक सदस्यों के बयान पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जिनकी तलाश की जा रही है।